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Lok Sabha Election 2024: छठे चरण में हुआ 61 प्रतिशत मतदान, जानें कहां सबसे कम तो कहां सबसे ज्यादा पड़े वोट

Voting Percentage: देश में लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में 61 प्रतिशत मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग द्वारा अपने मतदाता मतदान ऐप पर रात 11 बजकर 45 मिनट पर जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक वोट डाले गए। वहीं उत्तर प्रदेश में सबसे कम वोट पड़े। दिल्ली में भी वोटिंग का आंकड़ा कम हुआ।

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छठे चरण में कहां कितना हुआ मतदान, जानें सबकुछ।

Photo : Twitter

Sixth Phase Voting Percentage: देश में लोकसभा चुनाव के छठे चरण में शनिवार को छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 58 निर्वाचन क्षेत्रों में 61.11 प्रतिशत मतदान होने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में मतदान प्रतिशत 79.4 रहा। निर्वाचन आयोग द्वारा अपने मतदाता मतदान ऐप पर रात 11 बजकर 45 मिनट पर जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में 63.76 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 54.03 फीसदी, बिहार में 55.24 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में 54.15 फीसदी, हरियाणा में 60.06 फीसदी, ओडिशा में 69.32 फीसदी और दिल्ली में 58.70 फीसदी मतदान हुआ।

किस राज्य में कितना हुआ मतदान?

क्रमांकराज्यवोट प्रतिशत
1बिहार55.24%
2दिल्ली58.70%
3हरियाणा60.06%
4झारखंड63.76%
5ओडिशा69.32%
6पश्चिम बंगाल79.4%
7उत्तर प्रदेश54.03%
8जम्मू-कश्मीर54.15%
कुलआठ राज्य61.11%

कहां सबसे कम, कहां सबसे ज्यादा हुई वोटिंग

आंकड़ों के अनुसार छठे चरण में सबसे अधिक मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ तो सबसे कम मतदान उत्तर प्रदेश में हुआ। निर्वाचन आयोग के अनुसार जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट पर मतदान प्रतिशत 40 वर्षों में सबसे अधिक रहा।

अब तक देशभर की 486 सीटों पर हुआ मतदान

देश में लोकसभा चुनाव के छठे चरण के मतदान के समापन के साथ अब 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 486 सीटों पर मतदान पूरा हो गया है। लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण में 57 सीटों पर एक जून को मतदान होगा और मतगणना चार जून को होगी। भारत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी पड़ रही है, ऐसे में कई मतदान केंद्रों पर ठंडे पानी, कूलर, पंखे और तंबू की व्यवस्था की गई थी। बुजुर्ग मतदाताओं की सहायता के लिए व्हीलचेयर भी रखी गई थीं।

छठे चरण में कितने कर्मचारी रहे तैनात?

आयोग ने अपने अधिकारियों और राज्य मशीनरी को गर्म मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिए पर्याप्त उपाय करने का निर्देश दिया था। इस चरण में 11.13 करोड़ से अधिक मतदाता थे, जिनमें 5.84 करोड़ पुरुष, 5.29 करोड़ महिला और 5120 तृतीय लिंग के वोटर थे। आयोग ने 1.14 लाख मतदान केंद्रों पर लगभग 11.4 लाख अधिकारियों को तैनात किया था।

महबूबा मुफ्ती ने जमकर किया विरोध

जम्मू-कश्मीर में अनंतनाग-राजौरी सीट से चुनाव लड़ रहीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और मतदान एजेंट को कथित रूप से हिरासत में लिए जाने के खिलाफ अनंतनाग जिले में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिजबेहरा पुलिस थाने के बाहर धरना दिया। मुफ्ती ने यह भी दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से फोन करने की (आउटगोइंग कॉल) सुविधा बिना किसी स्पष्टीकरण के निलंबित कर दी गई है। हालांकि, पुलिस ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोग ‘ओवरग्राउंड वर्कर’ (ओजीडब्ल्यू) हैं और यह कार्रवाई चुनाव का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

महबूबा की बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र के एक बूथ पर मतदान जानबूझकर धीमा कराया जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने इस आरोप से इनकार किया है।

दिल्ली में सीपीआई ने लगाया आरोप

राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों एस जयशंकर और हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी, कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी और पूर्वी दिल्ली के निवर्तमान सांसद गौतम गंभीर उन मतदाताओं में शामिल रहे, जिन्होंने मतदान की शुरुआत में वोट डाला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता बृंदा करात ने आरोप लगाया कि उन्हें वोट डालने के लिए लगभग एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि उनके मतदान केंद्र पर ईवीएम नियंत्रण इकाई की बैटरी "खत्म" हो गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बाद में कहा कि बैटरी 15 मिनट के अंदर बदल दी गई।

किस राज्य की कितनी सीट पर वोटिंग

दिल्ली की सभी सात सीट के अलावा, उत्तर प्रदेश की 14 सीट, हरियाणा की सभी 10 सीट, बिहार और पश्चिम बंगाल की आठ-आठ सीट, ओडिशा की छह सीट, झारखंड की चार सीट और जम्मू-कश्मीर की एक सीट पर मतदान हुआ। इसके अलावा ओडिशा में 42 विधानसभा सीट और हरियाणा में करनाल विधानसभा उपचुनाव के लिए भी मतदान हुआ।

छठे चरण में इन दिग्गजों ने डाले वोट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। हरियाणा में करनाल लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार मनोहर लाल खट्टर और करनाल विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ रहे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने-अपने बूथ पर शुरुआती मतदाताओं में शामिल थे। सैनी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ अंबाला जिले के नारायणगढ़ में अपने पैतृक गांव मीरजापुर माजरा में वोट डाला। खट्टर ने करनाल के प्रेम नगर में एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

पश्चिम बंगाल की इन आठ सीटों का हिसाब

पश्चिम बंगाल में पांच जिलों में फैले आदिवासी बहुल जंगल महल क्षेत्र में मतदान हुआ। इस क्षेत्र में तमलुक, कांथी, घाटल, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और बिष्णुपुर सीट आती हैं। साल 2019 के चुनावों में आठ सीट में से भाजपा ने पांच और टीएमसी ने तीन सीट जीती थीं। पोलिंग एजेंटों को बूथों में प्रवेश करने से रोकने को लेकर घाटल निर्वाचन क्षेत्र में टीएमसी और भाजपा के समर्थकों के बीच मामूली झड़पें हुईं।

मेदिनीपुर निर्वाचन क्षेत्र में, भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल को टीएमसी कार्यकर्ताओं के "वापस जाओ" नारे का सामना करना पड़ा। इसके बाद भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे। तमलुक में मतदान केंद्र पर पहुंचने पर लोगों के एक समूह ने भाजपा उम्मीदवार और कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के खिलाफ नारे लगाए।

यूपी की इन 14 सीटों पर हुआ मतदान

उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आज़मगढ़, जौनपुर, मछलीशहर और भदोही सीटों पर मतदान हुआ।

झारखंड की चार सीटों पर हुई वोटिंग

झारखंड के गिरिडीह, धनबाद, रांची और जमशेदपुर निर्वाचन क्षेत्रों में 40.09 लाख महिलाओं समेत लगभग 82.16 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र थे। रांची के शहरी मतदान केंद्रों पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए, जिला प्रशासन ने मतदाताओं को मुफ्त लाने ले जाने की सुविधा प्रदान करने के लिए बाइक-टैक्सी सेवा के साथ करार किया।

बिहार की इन 8 सीटों पर डाले गए वोट

बिहार में आठ लोकसभा सीट-वाल्मीकि नगर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सीवान और महाराजगंज में कुल 86 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में मतदान प्रक्रिया में व्यवधान पैदा करने का प्रयास करने के आरोप में 107 लोगों को गिरफ्तार किया गया या हिरासत में लिया गया। सुरक्षा बलों ने दिन में आठ संसदीय क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों से 2.86 करोड़ रुपये नकदी और 9.46 करोड़ रुपये मूल्य की 3.53 लाख लीटर शराब जब्त की।

(इनपुट- भाषा)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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