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मानहानि केस: कोर्ट में आज पेश नहीं हुए राहुल गांधी, चुनाव प्रचार का हवाला देकर मांगा समय; 7 जून को होगी सुनवाई

Uttar Pradesh Lok Sabha Election 2024: बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ 2018 में ये मानहानि केस दर्ज कराया था। आज राहुल को इस केस के मामले में कोर्ट में पेश होना था।

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चुनाव प्रचार का हवाला देकर राहुल गांधी ने कोर्ट से मांगा समय

Uttar Pradesh Lok Sabha Election 2024: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ 2018 में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर वाद की अगली सुनवाई अब सात जून को होगी। राहुल के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने सोमवार को बताया कि मामले की सुनवाई आज होनी थी लेकिन उन्होंने अदालत में एक अर्जी दाखिल कर बताया था कि उनके मुवक्किल लोकसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त होने के कारण अदालत में हाजिर हो पाने में असमर्थ हैं।

राहुल के खिलाफ भाजपा नेता विजय मिश्रा ने छह साल पहले मानहानि के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी। इस बीच याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी के वकील की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अदालत में पेश होने से कतरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस पर ‘एमपी-एमएलए’ अदालत के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने राहुल के वकील को आखिरी मौका देते हुए मामले की अगली सुनवाई सात जून को नियत की है। अदालत ने पिछले साल दिसम्बर में राहुल के खिलाफ वारंट जारी किया था। बाद में राहुल अमेठी में अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ रोककर 20 फरवरी को अदालत में हाजिर हुए थे और उन्हें जमानत मिल गयी थी।

2018 में राहुल गांधी ने की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरू में एक संवाददाता सम्मेलन में शाह के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को शिकायत दर्ज की गई थी।

शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी की एक टिप्पणी का हवाला दिया था जिसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा था कि ‘भाजपा ईमानदारीपूर्ण और स्वच्छ राजनीति में विश्वास करने का दावा करती है लेकिन उसका एक पार्टी अध्यक्ष हत्या के मामले में आरोपी है।’ राहुल गांधी ने जब यह टिप्पणी की थी तब शाह भाजपा अध्यक्ष थे। गांधी की टिप्पणी से लगभग चार साल पहले मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 2005 के फर्जी मुठभेड़ मामले में शाह को आरोपमुक्त कर दिया था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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