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चिराग पासवान ने दिए संकेत, जो देगा बेहतर पेशकश उसके साथ जाएंगे, अपने बयानों से ऐसे साध रहे सियासी मकसद

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 11, 2024, 07:05 AM IST

साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने संकेत दिया कि वह विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और बेहतर पेशकश करने वाले खेमे में शामिल हो सकते हैं।

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चिराग पासवान

Chirag Paswan: लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पूर्व अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को कहा कि हर दल उनकी पार्टी को अपने खेमे में रखना चाहता है। पासवान के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि वह बेहतर पेशकश करने वाले के साथ जा सकते हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी लोजपा को बिहार में विपक्षी 'महागठबंधन' की ओर से अपने पाले में करने के प्रयास किये जा रहे हैं। 'महागठबंधन' में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और तीन वामपंथी दल शामिल हैं।

चिराग पासवान ने दिया संकेत

साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने संकेत दिया कि वह विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और बेहतर पेशकश करने वाले खेमे में शामिल हो सकते हैं। चिराग ने कहा, मैं यहां संवाददाताओं की भीड़ देख सकता हूं, जो यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि चिराग पासवान किसके साथ रहेंगे। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि चिराग पासवान केवल बिहार के लोगों के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, हर पार्टी, हर गठबंधन चाहता है कि चिराग पासवान उसके साथ रहें। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग उनके 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' दृष्टिकोण से प्रभावित हैं, जो राज्य को पुराने पिछड़ेपन से बाहर निकालना चाहता है।

खुद को बताया शेर का बेटा

चिराग पासवान ने अपने भाषण में खुद को शेर का बेटा बताते हुए अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान के सच्चे उत्तराधिकारी के रूप में पेश करने का प्रयास किया। लोजपा ने 2019 में लोकसभा की छह सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन सभी पर जीत हासिल की थी। हालांकि, चिराग ने जद (यू) प्रमुख एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोजपा विभाजित करने वाले अपने चाचा व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस का नाम लेने से परहेज किया लेकिन उन्होंने उन साजिशों के बारे में विस्तार से बात की, जिनका उन्हें सामना करना पड़ा।

कहा- चिराग पासवान को डराया नहीं जा सका

उन्होंने कहा कि इन साजिशों का उद्देश्य उनके घर, परिवार व पार्टी को तोड़ना था, लेकिन मैंने दिखाया है कि चिराग पासवान को डराया नहीं जा सकता। चिराग पासवान ने कहा है कि उनकी अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) हाजीपुर से चुनाव लड़ेगी जहां से उनके पिता पासवान ने कई बार चुनाव जीता था और इस सीट का प्रतिनिधित्व फिलहाल उनके चाचा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के प्रमुख पारस करते हैं। पारस ने साफ कर दिया है कि वह हाजीपुर सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे।

हाजीपुर सीट पर ठोका दावा

आरएलजेपी के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा, हाजीपुर या हमारी पार्टी की अन्य चार सीटों में से किसी को भी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। हमें यकीन है कि भाजपा हमारे दावे का सम्मान करेगी क्योंकि हम राजग के स्वाभाविक सहयोगी हैं। उन्होंने कहा, उन्हें (चिराग को) दूसरी तरफ से प्रस्ताव मिल रहा है, लेकिन कोई भी इस तरह के प्रलोभन के साथ हमारे पास आने की हिम्मत नहीं कर रहा है। हालांकि 'महागठबंधन' के किसी भी नेता ने सार्वजनिक तौर पर यह नहीं कहा है कि चिराग को क्या प्रस्ताव दिया गया है लेकिन सूत्रों का कहना है कि चिराग को छह से अधिक सीटें दी जा सकती हैं।

बीजेपी का असमंजस

भाजपा नेताओं ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि चाचा और भतीजे के बीच झगड़ा एक मसला है और पार्टी चिराग की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें खोने का जोखिम नहीं उठा सकती है लेकिन पारस से भी मुंह नहीं मोड़ना चाहती है। रैली के बाद हवाई मार्ग से दिल्ली रवाना होने के लिए पटना पहुंचे चिराग ने पत्रकारों के सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, जहां तक चुनाव पूर्व और सीट-बंटवारे का सवाल है, इसे अंतिम रूप दिया जा चुका है और हम कुछ दिनों में विवरण साझा करेंगे। (Bhasha Input)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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