Kapil Sibal on ECI: लोकसभा चुनाव 2024 में पहले दो चरणों का मतदान पूरा हो चुका है। दूसरे दौर में वोटिंग प्रतिशत के आंकड़े पर घमासान छिड़ गया है। इसे लेकर विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मतदान के अंतिम आंकड़े जारी करने में देरी पर चुनाव आयोग से कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि 11 दिनों के बाद चुनाव आयोग द्वारा मतदान प्रतिशत के आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं।
आंकड़े देने में 11 दिन क्यों लगे?
कपिल सिब्बल ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम को लेकर फैसला दिया है और कहा है कि हर नागरिक को चुनाव आयोग पर भरोसा होना चाहिए। लेकिन, क्या चुनाव आयोग भरोसेमंद है? पहले चरण के बाद डेटा पर वोट प्रतिशत के बारे में चुनाव आयोग की वेबसाइट 11 दिनों के बाद अपलोड की गई थी, यह केवल वोटों का प्रतिशत दिखाता है, संख्या नहीं। चुनाव आयोग को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्पष्ट करना चाहिए कि इसमें 11 दिन क्यों लगे? जब संदेह उठता है तो लोगों का विश्वास कम हो जाता है।
फॉर्म 17सी वेबसाइट पर अपलोड क्यों नहीं?
कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, फॉर्म 17सी है। इस फॉर्म में पोलिंग बूथ पर कुल वोट, प्रतिशत, पोलिंग स्टेशन का नाम, कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट की पहचान, उस निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाता, उम्मीदवार का नाम आदि डाला जाता है। यह फॉर्म पोलिंग एजेंट के पास रहता है। सवाल यह है कि चुनाव आयोग इस 17सी फॉर्म को अपनी वेबसाइट पर अपलोड क्यों नहीं करता?
तमिलनाडु में आंकड़ें क्यों बदले?
सिब्बल ने कहा, तमिलनाडु में पहले दिखाया गया था कि मतदान प्रतिशत 72% था, बाद में यह गिरकर 69% हो गया। कैसे? इससे लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ रहा है। साथ ही ईडी की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब वे नेताओं के खिलाफ ईडी का इस्तेमाल करेंगे, प्रज्वल रेवन्ना का पासपोर्ट रद्द नहीं करेंगे, तो लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ जाएगा।
