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गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में बड़ा एक्शन, झारखंड कांग्रेस का 'X' अकाउंट बंद

Amit Shah Fake Video Case: अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' ने झारखंड कांग्रेस के हैंडल पर रोक लगा दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर को भी तलब किया है।

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झारखंड कांग्रेस का 'एक्स' अकाउंट किया गया बंद

Photo : Twitter

Amit Shah Fake Video Case: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'X' ने झारखंड कांग्रेस के हैंडल पर रोक लगा दी है। 'X' की ओर से कहा गया है कि एक कानूनी मांग के प्रत्युत्तर में अकाउंट पर रोक लगाई गई है। बता दें, फर्जी वीडियो मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया कंपनी की ओर से यह एक्शन लिया गया है।

इसी मामले में दिल्ली पुलिस ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर को तलब किया है। उन्हें सीआरपीसी की धारा 160/91 के तहत भेजे गए समन में 2 मई (आज) की सुबह 10.30 बजे दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा गया है। राजेश ठाकुर को अपना मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को साथ लाने को कहा गया है, जिसका कथित इस्तेमाल ‘एक्स’ पर फर्जी वीडियो शेयर करने में किया गया हो सकता है।

रांची में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर

भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्रीय गृह मंत्री के फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में रांची के अरगोड़ा थाने में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें शैलेंद्र हाजरा और रूपेश रजक शामिल हैं। यह एफआईआर भाजपा जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यालय मंत्री संजय कुमार महतो के आवेदन पर दर्ज हुई है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वीडियो की एक कॉपी पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध करवाई है। भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार आरक्षण जैसे मुद्दे पर अमित शाह ने कभी नहीं कहा कि इसको खत्म कर दिया जाएगा। फेक वीडियो न सिर्फ अमित शाह की व्यक्तिगत मानहानि है बल्कि यह देश के सामने गलत तथ्य रखने का प्रयास भी है।

रेवंत रेड्डी को फिर समन भेज सकती है दिल्ली पुलिस

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी एक समन भेजा था। उन्हें 1 मई को पेश होने को कहा गया था। हालांकि, रेवंत रेड्डी दिल्ली पुलिस के सामने पेश नहीं हुई बल्कि वकीलों के माध्यम से जवाब भिजवाया था। अब माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस उन्हें एक बार फिर से समन भेजकर तलब कर सकती है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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