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बिहार में पनप रहे नए समीकरण: देर रात लालू-तेजस्वी से मिले पप्पू यादव, सुबह दिल्ली रवाना

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 20, 2024, 11:17 AM IST

Bihar Politics: बिहार में महागठबंधन की ओर से अब तक सीटों का ऐलान नहीं हो पाया है। इसका सबसे बड़ा कारण नए सियासी समीकरण हैं। एक तरफ पशुपति पारस एनडीए के संपर्क में हैं तो दूसरी तरफ पप्पू यादव ने भी लालू और तेजस्वी यादव से मुलाकात की। अब वह कांग्रेस आलाकमान से मिलने दिल्ली रवाना हो गए हैं।

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लालू व तेजस्वी यादव से मिले पप्पू यादव

Photo : Twitter

Bihar Politics: लोकसभा चुनाव का ऐलान हो गया है। पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक बिहार में महागठबंधन की ओर से सीटों का ऐलान नहीं हो पाया है। इसकी बड़ी वजह बिहार में पनप रहे नए समीकरण हैं। एक ओर से एनडीए से इस्तीफा देने के बाद पशुपति पारस इंडिया गठबंधन के संपर्क में हैं तो मंगलवार देर रात जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव भी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादवे मिलने पहुंचे, यहां तीनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई।

जानकारी के मुताबिक, लालू यादव, तेजस्वी और पप्पू यादव के बीच आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर काफी गहरी चर्चा हुई और आगे की रणनीति भी बनी। माना जा रहा है कि पप्पू यादव की पार्टी महागठबंधन में शामिल हो सकती है और आगमी लोकसभा चुनाव राजद और कांग्रेस के साथ लड़ सकती है। पप्पू यादव पूर्णिया सीट से दावेदारी कर रहे हैं।

सीमांचल और मिथिलांचन में बीजेपी को रोकना लक्ष्य

लालू और तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद पप्पू यादव ने कहा कि लालू यादव और मेरे बीच कोई राजनीतिक संबंध नहीं है, यह पूरी तरह से भावनात्मक संबंध हैं। उन्होंने कहा, कल हम सब एक साथ बैठे थे। हमारी कोशिश है कि किसी भी कीमत पर सीमांचल और मिथिलांचल में बीजेपी को रोका जाए। उन्होंने कहा, तेजस्वी यादव ने 17 महीने काम किया और विश्वास कायम किया है। इसी तरह राहुल गांधी ने लोगों का दिल जीता और उनमें उम्मीद जगाई है।

मिलकर लड़ेंगे चुनाव

पप्पू यादव ने कहा, हम एक साथ न केवल 2024 बल्कि 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव भी जीतेंगे। उन्होंने कहा, हमारे लिए पूर्णिया सीट मायने नहीं रखती, मायने रखता है भाजपा को रोकना और कमजोर वर्गों की पहचान और विचारधारा की रक्षा करना। हम साथ मिलकर लड़ेंगे। कांग्रेस नेतृत्व के साथ, जिसने इस देश का दिल जीत लिया, वही इस देश का पीएम होगा।

दिल्ली रवाना हुए पप्पू यादव

खबर है कि आज सुबह पप्पू यादव दिल्ली रवाना हो गए हैं। वह दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव राजद प्रमुख लालू यादव के निर्देश पर दिल्ली रवाना हुए हैं। उन्होंने अपनी पार्टी की विलय की खबरों पर कहा कि ये राहुल गांधी और लालू यादव को तय करना है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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