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Sansado ka Mohalla: ये है भारत में 'सांसदों का मोहल्ला', 1957 से लेकर 2024 तक निकले हैं कई MP

  • Authored by: मकरंद काले
  • Updated Mar 21, 2024, 05:57 PM IST

Sansado ka Mohalla Bhopal: भोपाल के चौक बाजार में रहने वाली मैमूना सुल्ताना 1957 और 1962 में भोपाल की सांसद रहीं तो वहीं इसी चौक बाजार से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाले शंकर दयाल शर्मा 1971 में भोपाल के सांसद बने।

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ये है भोपाल में 'सांसदों का मोहल्ला'

KEY HIGHLIGHTS

  • मध्य प्रदेश के भोपाल में देश का एक मात्र 'सांसदों का मोहल्ला'
  • मैमूना सुल्तान,शंकर दयाल शर्मा से लेकर केएन प्रधान तक रहे चौक मोहल्ले से सांसद
  • अब बीजेपी प्रत्याशी भी चौक मोहल्ले से लड़ रहे हैं लोकसभा चुनाव

Sansado ka Mohalla Bhopal: हम आपको देश के एक ऐसे मोहल्ले में लिए चलते है जिसे सांसदों का मोहल्ला भी कहा जाता है, ये मोहल्ला है देश के दिल यानी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में, इस इलाके को चौक बाजार कहते है, 1957 से लेकर 2024 तक यहाँ से कई सांसद निकले हैं, गौर हो कि देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा प्रत्याशियों के नाम का ऐलान भी कर दिया है, भोपाल से बीजेपी ने आलोक शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है ।आलोक शर्मा जिस इलाके से आते है उसे चौक बाजार कहा जाता है, भोपाल में इसे सांसदों का मोहल्ला भी कहा जा रहा है, आखिर इसके पीछे का क्या इतिहास है वो भी जान लीजिये, देखिये ये खास रिपोर्ट

    चौक बाजार में रहने वाली मैमूना सुल्ताना 1957 और 1962 में भोपाल की सांसद रहीं

  • इसी चौक बाजार से अपनी राजनीतिकी शुरुआत करने वाले शंकर दयाल शर्मा 1971 में भोपाल के सांसद बने
  • शंकर दयाल शर्मा मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री से लेकर देश के सर्वोच्च पद यानी राष्ट्रपति तक पहुंचे
  • 1984 में इसी मोहल्ले के रहने वाले केएन प्रधान भोपाल से सांसद चुने गए
  • अब दशकों बाद चौक बाजार के ही रहने वाले आलोक शर्मा बीजेपी के प्रत्याशी बनाए गए हैं
  • बीजेपी प्रत्याशी आलोक शर्मा का कहना है कि असली भोपाल अगर है तो वो है चौक बाजार, जिसे हम पुराना भोपाल भी कहते है, शंकर दयाल शर्मा से लेकर केएन प्रधान तक हमारे चौक से ही आते है, गंगा जमुना तहज़ीब अगर देखना है तो भोपाल के चौक बाजार जाइए, मैंने हमेशा चौक के विकास के लिए काम किया है और सांसद बनने के बाद भी करूँगा।

    पारेख परिवार चौक का करीब 300 साल पुराना परिवार है

    आलोक शर्मा के मित्र और स्थानीय व्यापारी सुनील पारिख बताते हैं कि पुराना भोपाल और यहां का चौक इलाका पटिया बाजी और गंगा जमुना तहजीब के लिए प्रसिद्ध है, यहां के लोगों को इसीलिए तवज्जो दी जाती है क्योंकि वो हिंदू और मुस्लिम दोनों संस्कृतियों को बहुत बेहतर तरीके से जानता है, बता दें कि पारेख परिवार चौक का करीब 300 साल पुराना परिवार है जो प्रसिद्ध भोपाली बटुए का निर्माता है।

    पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने भी राजनीति की शुरुआत इसी मोहल्ले से की थी

    आपको देश के पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के निवास लिए चलते है शंकर दयाल शर्मा के छोटे भाई आज भी यहाँ लोगों का इलाज करते है, उनका कहना है कि चौक बाजार से कई सांसद हुए, उन्होंने चौक के लिए खास तौर पर भोपाल के लिए बहुत काम किया, शंकर दयाल शर्मा ने भी अपनी राजनीति की शुरुआत इसी मोहल्ले से की थी।

    'जितने भी सांसद चौक से हुए उन्होंने यहीं से राजनीति की शुरुआत की'

    बीजेपी प्रत्याशी आलोक शर्मा के पिता गौरीशंकर शर्मा की उम्र 85 साल है, गौरीशंकर शर्मा बताते है की चौक को राजा भोज ने बनवाया था, इसकी बनावट स्वास्तिक के आकर की है, जितने भी सांसद चौक से हुए उन्होंने यहीं से राजनीति की शुरुआत की। इस चौक बाजार से कई सांसद तो हुए और अनुमान ‌यही है कि अगला सांसद भी इसी इलाके का होगा।

    मकरंद काले
    मकरंद कालेauthor

    सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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