History of Hisar: हरियाणा की वो लोकसभा सीट जहां भाजपा का पहली बार 2019 में खाता खुला था, इससे पहले भाजपा को एक भी बार जीत नसीब नहीं हुई थी। 2019 के मुकाबले में भाजपा ने यहां से बड़ी जीत हासिल की थी और उस वक्त के सांसद दुष्यंत चौटाला को तीन लाख से अधिक वोटों से मात दी थी। इस बार भी हरियाणा की हिसार लोकसभा सीट पर दिलचस्प चुनावी लड़ाई देखने को मिल रही है, जहां राजनीतिक रूप से कई धड़ों में बंट चुके चौटाला परिवार के तीन सदस्यों के बीच मुकाबला है।
दो बहुओं और 'चाचा ससुर' के बीच मुकाबला
इस सीट पर चौटाला परिवार की दो बहुएं- जननायक जनता पार्टी (जजपा) की विधायक नैना चौटाला तथा इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) प्रत्याशी सुनैना चौटाला के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार रणजीत सिंह चौटाला मैदान में हैं। रणजीत चौटाला सुनैना और नैना चौटाला के ससुर के भाई हैं यानी वह रिश्ते में उनके ‘चाचा ससुर’ हैं। कांग्रेस ने इस सीट से तीन बार सांसद रह चुके एवं दिग्गज नेता जय प्रकाश को मैदान में उतारा है।
चौटाला परिवार के ही सदस्यों के बीच लड़ाई
नैना चौटाला (57) जजपा प्रमुख अजय सिंह चौटाला की पत्नी एवं हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की मां हैं। इनेलो की महिला इकाई की महासचिव सुनैना चौटाला (47) पार्टी नेता अभय सिंह चौटाला के चचेरे भाई रवि चौटाला की पत्नी हैं। रवि चौटाला इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला के छोटे भाई दिवंगत प्रताप सिंह चौटाला के बेटे हैं। इनेलो-जजपा दोनों के उम्मीदवारों ने राज्य के किसानों के हित के लिए और अधिक काम करने का दावा किया है, जबकि भाजपा उम्मीदवार ने विश्वास जताया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए विकास कार्य के दम पर राज्य की सभी 10 सीट पर उनकी पार्टी जीत दर्ज करेगी।
क्या कहता है हिसार सीट का चुनावी इतिहास?
साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कभी भी खाता नहीं खुला था। इनेलो का यहां पर तीन बार कब्जा रहा, जबकि कांग्रेस ने अब तक 7 बार जीत हासिल की है। लाला अचिंत राम को इस सीट से पहले सांसद के रूप में चुना गया था। बृजेंद्र सिंह इस सीट से मौजूदा भाजपा सांसद हैं। आपको बताते हैं कि इस सीट से कब-कब कौन सांसद चुना गया।
| वर्ष | सांसद | पार्टी |
| 1952 | लाला अचिंत राम | कांग्रेस |
| 1957 | ठाकुर दास भार्गव | कांग्रेस |
| 1962 | मनीराम बागरी | संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी |
| 1967 | राम कृष्ण गुप्ता | कांग्रेस |
| 1971 | मनीराम गोदारा | कांग्रेस |
| 1977 | इंदर सिंह श्योकंद | जनता पार्टी |
| 1980 | मनीराम बागरी | जनता पार्टी (सेक्युलर) |
| 1984 | चौ. बीरेंद्र सिंह | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 1989 | जय प्रकाश | जनता दल |
| 1991 | नारायण सिंह | कांग्रेस |
| 1996 | जय प्रकाश | हरियाणा विकास पार्टी |
| 1998 | सुरेंद्र सिंह बरवाला | इंडियन नेशनल लोकदल |
| 1999 | सुरेंद्र सिंह बरवाला | इंडियन नेशनल लोकदल |
| 2004 | जय प्रकाश | कांग्रेस |
| 2009 | भजन लाल | हरियाणा जनहित कांग्रेस |
| 2011 (उपचुनाव) | कुलदीप बिश्नोई | हरियाणा जनहित कांग्रेस |
| 2014 | दुष्यन्त चौटाला | इंडियन नेशनल लोकदल |
| 2019 | बृजेन्द्र सिंह | भारतीय जनता पार्टी |
इनेलो उम्मीदवार ने जजपा और भाजपा को कोसा
सुनैना चौटाला ने कहा कि वह कृषि कानूनों (जो रद्द किए जा चुके हैं) के खिलाफ 13 महीने तक हुए किसान आंदोलन के मुद्दे पर भाजपा और जजपा उम्मीदवार को घेरेंगी। सुनैना चौटाला ने कहा, 'भाजपा शासन में किसान, आंगनबाड़ी और आशा कर्मियों, कर्मचारियों और सरपंचों ने अपनी मांगों के लिए आंदोलन किया था।' वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद हरियाणा में भाजपा और जजपा ने गठबंधन किया था, लेकिन मार्च 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में नयी भाजपा सरकार बनाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा इस्तीफा देने के साथ ही यह गठबंधन खत्म हो गया।
नैना चौटाला ने सुनैना चौटाला पर किया पलटवार
सुनैना चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी के एकमात्र विधायक अभय चौटाला ने किसानों के समर्थन में आंदोलन के बीच में ही विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दिवंगत जाट नेता चौधरी देवीलाल के सिद्धांतों का पालन करती है और उनकी विचारधारा को आगे ले जा रही है। उधर, नैना चौटाला ने कहा कि हर कोई जानता है कि किसानों का असली शुभचिंतक कौन है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उप मुख्यमंत्री के रूप में उनके बेटे दुष्यंत चौटाला ने किसानों की फसल की समय पर खरीद के साथ ही समय पर भुगतान सुनिश्चित किया।
भाजपा उम्मीदवार रणजीत चौटाला ने किया बड़ा दावा
इस बीच, रणजीत चौटाला अपने परिवार के सदस्यों के चुनावी मैदान में उतरने से ज्यादा चिंतित नहीं दिखे और उन्होंने कहा कि यह उनका ‘लोकतांत्रिक अधिकार’ है। रणजीत चौटाला ने कहा, 'पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है और उनके तीसरे कार्यकाल में यह गति और तेज हो जाएगी। हरियाणा में भी पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान विकास हुआ है।' मार्च में सिरसा जिले की रानियां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक के रूप में इस्तीफा देने के बाद रणजीत चौटाला (78) भाजपा में शामिल हो गए थे। वह पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के बेटे एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के भाई हैं।
25 मई को हरियाणा की सभी 10 सीटों पर मतदान
हरियाणा की सभी 10 संसदीय सीटों पर लोकसभा चुनाव के छठे चरण के तहत 25 मई को मतदान होना है। कांग्रेस राज्य की 10 सीट में से नौ पर चुनाव लड़ रही है और उसने हिसार से जय प्रकाश को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कुरूक्षेत्र सीट पर आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ रही है, जो विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) की एक घटक है।
‘जेपी’ के नाम से लोकप्रिय जय प्रकाश हिसार से तीन बार सांसद रह चुके हैं। वह 2000 में हिसार जिले की बरवाला विधानसभा सीट और 2014 में कैथल की कलायत विधानसभा सीट से विधायक भी रहे हैं। जय प्रकाश ने दावा किया, 'लोग भाजपा शासन से तंग आ चुके हैं और राज्य में कांग्रेस की लहर चल रही है।' पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत भजन लाल ने 2009 में हरियाणा जनहित कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में हिसार सीट जीती थी। उनके बेटे कुलदीप बिश्नोई ने 2011 में पिता के निधन के बाद उपचुनाव जीता और 2014 में दुष्यंत ने इनेलो सदस्य के रूप में यह सीट छीन ली थी। बिश्नोई अब भाजपा में हैं। हिसार लोकसभा क्षेत्र में 9,52,598 पुरुष मतदाता, 8,32,569 महिला मतदाता और 11 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। हिसार में कुल मतदाताओं में से एक तिहाई मतदाता जाट समुदाय से हैं।
