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चक्रव्यूह में घेरकर राक्षसों ने मारा था, आज भी रण में अभिमन्यु अकेला है...पवन सिंह ने भरी हुंकार

काराकाट संसदीय क्षेत्र से बतौर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को भाजपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

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पवन सिंह की हुंकार

Pawan Singh Expelled From BJP: बिहार के काराकाट लोकसभा क्षेत्र से एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के सामने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण भाजपा ने भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। भाजपा से निकाले जाने के बाद पवन सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पवन सिंह ने एक्स पर अभिमन्यु का जिक्र कर बता दिया कि वह रण में अकेले ही लड़ेंगे। सोशल मीडिया साइट एक्स पर पवन सिंह ने पोस्ट शेयर कर लिखा, "कल भी, महाभारत में अभिमन्यु अकेला था, कृष्ण और पांडव के होते हुए, चक्रव्यूह में घेरकर राक्षसों ने मारा था, आज भी रण में अभिमन्यु अकेला है। लेकिन, जनता उसके साथ है।" इस पोस्ट के साथ उन्होंने अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की है।

पवन सिंह को भाजपा ने पार्टी से निष्कासित किया

इससे पहले बुधवार को काराकाट संसदीय क्षेत्र से बतौर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को भाजपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया। भाजपा ने पवन सिंह के नाम से जारी पत्र में कहा कि लोकसभा चुनाव में आप एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी के विरूद्ध चुनाव लड़ रहे हैं। आपका यह कार्य दल विरोधी है। जिससे पार्टी की छवि घूमिल हुई है तथा पार्टी अनुशासन के विरूद्ध आपने यह कार्य किया है। आपको पार्टी से निष्कासित किया जाता है।

एनडीए की ओर से कुशवाहा चुनावी मैदान में

एनडीए की ओर से काराकाट संसदीय क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा चुनावी मैदान में हैं, जिनका मुकाबला महागठबंधन के प्रत्याशी भाकपा माले के राजाराम सिंह से माना जा रहा है। अभिनेता पवन सिंह को भाजपा ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन, उन्होंने वहां से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वे काराकाट क्षेत्र से बतौर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे हैं।

उपेंद्र कुशवाहा के लिए खड़ी की मुश्किलें

बिहार की काराकाट सीट से एनडी प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन पवन सिंह के निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पवन सिंह की रैलियों में उमड़ रही भीड़ ने न सिर्फ उपेंद्र कुशवाहा की टेंशन बढ़ा दी है, बल्कि बीजेपी के थिंक टैंक का काम भी मुश्किल कर दिया है।

मां का भी पर्चा दाखिल करवाया था

पवन सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ निर्दलीय पर्चा भरा था, लेकिन नामांकन के आखिरी दिन गुपचुप तरीके से उन्होंने अपनी मां का भी नामांकन दाखिल करवाकर सभी को चौंका दिया था। इसको लेकर कई सवाल भी खड़े हुए थे। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि खुद का नामांकन खारिज होने के डर से पवन सिंह ने विकल्प के तौर पर अपनी मां का पर्चा भरवाया था। अब उनकी मां ने नामांकन वापस ले लिया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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