इलेक्शन

चुनावी बॉन्ड सरकारें गिराने और राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए इस्तेमाल जबरन वसूली गिरोह, राहुल ने बोला केंद्र पर हमला

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 16, 2024, 02:47 PM IST

राहुल ने आरोप लगाया कि चुनावी बॉन्ड योजना एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का जबरन वसूली गिरोह है और जो लोग विरोध करते हैं, ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग उनके पीछे पड़ जाते हैं।

Image

राहुल गांधी

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर हमले तेज करते हुए चुनावी बॉन्ड योजना को सरकारें गिराने व राजनीतिक दलों को विभाजित करने के लिए इस्तेमाल किया गया जबरन वसूली गिरोह करार दिया। उन्होंने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के मुंबई के लिए रवाना होने से पहले महाराष्ट्र के ठाणे में जंभाली नाका पर लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनावी बॉन्ड योजना एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का जबरन वसूली गिरोह है और जो लोग विरोध करते हैं, ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग उनके पीछे पड़ जाते हैं।

क्या एनसीपी-शिवसेना के विधायक मुफ्त में भाग गए?

राहुल ने कहा, यह एक जबरन वसूली गिरोह है जिसका इस्तेमाल विपक्षी दलों के नेतृत्व वाली सरकारों को गिराने और राजनीतिक दलों को विभाजित करने के लिए किया गया। उन्होंने एकनाथ शिंद के नेतृत्व में शिवसेना में हुए विद्रोह और अजित पवार की अगुवाई में एनसीपी में हुई बगावत का जिक्र करते हुए कहा, क्या आपको लगता है कि शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक मुफ्त में भाग गए हैं? राहुल ने कहा कि पिछड़े समुदायों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और सामान्य वर्ग के गरीबों की आबादी 80 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन सरकारी व निजी क्षेत्रों में शीर्ष पदों पर उनका प्रतिनिधित्व बहुत कम है। उन्होंने दावा किया कि कोविड-19 महामारी से भारत में 50 लाख लोगों की मौत हुई।

कहा- भारत की राष्ट्रपति को भी अयोध्या नहीं बुलाया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया, जब लोग कोरोना वायरस से मर रहे थे, तो वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने चुनावी बॉन्ड के रूप में प्रधानमंत्री मोदी को पैसा दान किया। राहुल ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में केवल फिल्मी सितारे और शीर्ष उद्योगपति ही अतिथि के रूप में शामिल हुए, लेकिन कोई गरीब लोग नहीं थे। उन्होंने दावा किया, यहां तक कि भारत की राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मू) को भी कार्यक्रम में अनुमति नहीं दी गई क्योंकि वह आदिवासी हैं।' राहुल की यात्रा के ठाणे में प्रवेश के समय एनसीपी (शरद पवार) विधायक जीतेंद्र अव्हाड, शिवसेना (यूबीटी) नेता केदार दिघे उनके साथ मौजूद थे। जिले के भिवंडी में समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने उनका स्वागत किया।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article