Lok Sabha Election: पश्चिम बंगाल के बाद अब झारखंड में इंडिया गठबंधन टूट गया है। रविवार को एक ओर जहां ममता बनर्जी ने कांग्रेस को छोड़कर अकेले बंगाल की सभी 42 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी तो वहीं दूसरी ओर झारखंड में सीपीआई इंडिया गठबंधन से अलग हो गई। सीपीआई ने घोषणा की है कि वो झारखंड में अकेले सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इंडिया गठबंधन से अलग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने झारखंड में विपक्षी गठबंधन इंडिया से अलग होने का रविवार को ऐलान करते हुए कहा कि वह राज्य की 14 लोकसभा सीट में से आठ सीट पर अकेले चुनाव लड़ेगी। लोकसभा में भाकपा का झारखंड से कोई सांसद नहीं है। भाकपा के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने PTI को बताया कि हमने अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
क्यों हुई अलग
भाकपा के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन कांग्रेस और महागठबंधन ने अभी तक सीट बंटवारे पर कोई बातचीत नहीं की है। इसलिए हमने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
किन सीटों पर लड़ेगी चुनाव
भाकपा रांची, हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, पलामू, गिरिडीह, दुमका और जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। पाठक ने कहा कि उम्मीदवारों के नामों की घोषणा 16 मार्च के बाद की जाएगी।
भड़की झामुमो
झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व करने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा कि भाकपा की प्रदेश इकाई का यह निर्णय पार्टी के भीतर अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। झामुमो के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा- "यह मेरी समझ से परे है...क्या प्रदेश इकाई इस तरह के फैसले ले सकती है। सीट बंटवारे पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा पहले से ही चल रही है।"
अभी किसके पास कितनी सीट
झारखंड की 14 लोकसभा सीट में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 11, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के पास एक, झामुमो के पास एक और कांग्रेस के पास एक सीट है। हालांकि कांग्रेस की एकमात्र सांसद गीता कोड़ा हाल ही में भाजपा में शामिल हो गईं थीं।
