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लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने चुनावी बॉण्ड को बनाया 'हथियार', कांग्रेस ने उठाया काले धन का मुद्दा

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 13, 2024, 11:28 AM IST

Electoral Bonds: कांग्रेस ने पूछा है कि चुनावी बॉण्ड के मामले में प्रधानमंत्री किस बात से डरे हुए हैं। जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया, 'सेबी ने जिन चार कंपनियों को 'सेल कंपनी' बताया है, उनसे भाजपा ने 4.9 करोड़ रुपये का चंदा क्यों लिया? इन कंपनियों के माध्यम से भाजपा के पास किसका काला धन आया?'

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कांग्रेस ने पूछा- चुनावी बॉण्ड पर किस बात से डरे हैं प्रधानमंत्री?

Photo : Times Now Digital

Congress Slams BJP: कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि सरकार भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के माध्यम से लगातार इस बात को सामने आने से रोकने या देरी करने की कोशिश कर रही है कि किसने, किस राजनीतिक दल को कितना चंदा दिया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस बात से डरे हुए हैं?

'कौन सा नया घोटाला सामने आएगा?'

जयराम रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, '15 फरवरी 2024 को चुनावी बॉण्ड को असंवैधानिक घोषित करने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद से मोदी सरकार एसबीआई के माध्यम से लगातार इस बात को सामने आने से रोकने या देरी करने की कोशिश कर रही है कि किसने, किस राजनीतिक दल को कितना चंदा दिया।' उन्होंने सवाल किया, 'प्रधानमंत्री किस बात से इतने डरे हुए हैं? चुनावी बॉण्ड के आंकड़ों से कौन सा नया घोटाला सामने आएगा?'

'जांच की धमकी देकर डरा रही है भाजपा?'

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 20 फरवरी 2024 को पता चला था कि ईडी, सीबीआई या आयकर विभाग के छापे या जांच के तुरंत बाद 30 कंपनियों से भाजपा को 335 करोड़ रुपए तक का चंदा मिला है। उन्होंने सवाल किया, 'छापे के तुरंत बाद कंपनियों ने भाजपा को चंदा क्यों दिया? क्या भाजपा चंदा वसूलने के लिए इन कंपनियों को ईडी-सीबीआई-आयकर विभाग की जांच की धमकी देकर डरा रही है?'

कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया, 'सेबी ने जिन चार कंपनियों को 'सेल कंपनी' बताया है, उनसे भाजपा ने 4.9 करोड़ रुपये का चंदा क्यों लिया? इन कंपनियों के माध्यम से भाजपा के पास किसका काला धन आया?' नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू किए जाने के संदर्भ में रमेश ने कहा कि कानून के नियमों को अधिसूचित होने में 4 साल 3 महीने क्यों लग गए तथा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जानबूझकर इन नियमों को अधिसूचित क्यों किया गया?

कांग्रेस ने लगाया ‘टैक्स टेररिज्म’ का आरोप

जयराम रमेश ने सवाल किया, 'आखिर हालात इस हद तक कैसे पहुंच गए कि लोकसभा चुनाव से पहले, भारत में तीन के बजाय केवल एक ही निर्वाचन आयुक्त रह गए? निर्वाचन आयोग से अरुण गोयल ने अचानक क्यों इस्तीफा दिया?' कांग्रेस महासचिव ने उनकी पार्टी के खिलाफ हुई आयकर विभाग की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा, 'मोदी सरकार कांग्रेस पार्टी से इतना क्यों डरती है कि उसे खाताबंदी और ‘टैक्स टेररिज्म’ का सहारा लेना पड़ रहा है?'

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