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इंदौर में भी कांग्रेस के साथ हो गया खेल, लोकसभा उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने वापस किया नामांकन, BJP में शामिल!

Indore Congress candidate: इंदौर में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। कांग्रेस छोड़कर उनके बीजेपी में भी शामिल होने की चर्चा है। नामांकन वापसी के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजय वर्गीय के साथ अक्षय कांति की एक तस्वीर भी सामने आई है।

Indore Congress candidate: मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट पर सूरत जैसा कांड होने के आसार हैं। यहां लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस छोड़कर उनके बीजेपी में भी शामिल होने की चर्चा है। नामांकन वापसी के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजय वर्गीय के साथ अक्षय कांति की एक तस्वीर भी सामने आई है। इस तस्वीर को बीजेपी नेता ने अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया है।

कैलाश विजयवर्गीय ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम जी का माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अख्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मोहन यादव व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेतृत्व में भाजपा में स्वागत है। माना जा रहा है कि जल्द ही वह भारतीय जनता पार्टी में औपचारिक रूप से दाखिल होंगे।

अक्षय बम के आवास के बाद पुलिस तैनात

इस बीच, बम के पत्रकार कॉलोनी स्थित घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। उनके घर के बाहर कांग्रेस के स्थानीय नेता जुटने शुरू हो गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत गढ़ कहे जाने इंदौर में कांग्रेस ने एकदम नये-नवेले चेहरे बम (45) को अपना उम्मीदवार बनाया था।

बम ने अपने राजनीतिक कॅरियर में अब तक एक भी चुनाव नहीं लड़ा है। कांग्रेस ने उन्हें इंदौर से ऐसे वक्त उम्मीदवारी का मौका दिया था, जब जिले में कांग्रेस के तीन पूर्व विधायकों समेत पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव से पहले पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

शंकर लालवानी की आसान हुई राह

इंदौर सीट पर बम का मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा के निवर्तमान सांसद शंकर लालवानी (62) से होना माना जा रहा था। मतदाताओं की तादाद के लिहाज से प्रदेश में सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्र इंदौर में 25.13 लाख लोगों को मताधिकार हासिल है जहां भाजपा ने इस बार आठ लाख मतों के अंतर से जीत का नारा दिया है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में हड़कंप

इंदौर की घटना क्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि यह निर्लज्ज राजनीति है। ऐसा षड्यंत्र किया कि पता भी नहीं चला। अब हमारे वरिष्ठ नेता बैठेंगे और आगे की रणनीति पर विचार विमर्श करेंगे। यह अवसरवाद की राजनीति है, जनता इसका जवाब देगी। जनता ऐसे लोगों को पसंद नहीं करती। माना जा रहा है कि अक्षय कांति बम के नाम वापसी के बाद कांग्रेस ने वैकल्पिक उम्मीदवार के नाम पर मंथन शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने इंदौर कांग्रेस से निर्दलीय प्रत्याशियों के नाम की मांगी सूची है, सूत्रों का कहना है कि पार्टी निर्दलीय प्रत्याशी को भी समर्थन दे सकती है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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