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लोकसभा चुनाव: पुरी से कांग्रेस ने बदला उम्मीदवार, सुचरिता मोहंती के टिकट वापसी के बाद जय नारायण को बनाया प्रत्याशी

Puri Lok Sabha Congress Candidate: ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता संबिता पात्रा और बीजू जनता दल (BJD) ने मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त अरूप पटनायक को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि छह मई है, जबकि नौ मई तक नाम वापस लिये जा सकते हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में 25 मई को मतदान होगा।

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पुरी से कांग्रेस ने जय नारायण पटनायक को दिया टिकट

Photo : PTI

Puri Lok Sabha Congress Candidate: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ओडिशा के पुरी से कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा प्रत्याशी को बदल दिया है। यहां से अब जय नारायण पटनायक को टिकट दिया गया है। पहले कांग्रेस ने यहां से सुचारिता मोहंती को पुरी से लोकसभा प्रत्याशी बनाया था। हालांकि उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए पार्टी की ओर से फंडिंग न मिलने का आरोप लगाते हुए टिकट वापस कर दिया था, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जय नारायण मोहंती के नाम को मंजूरी दे दी।

बता दें, कांग्रेस के पूर्व सांसद ब्रजमोहन मोहंती की बेटी सुचरिता मोहंती ने शनिवार को चुनाव प्रचार के लिए फंड की कमी का हवाला देते हुए टिकट वापस कर दिया था। उन्होंने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को एक ईमेल भेजकर दावा किया कि पुरी लोकसभा क्षेत्र में उनका प्रचार अभियान बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि पार्टी ने वित्तीय मदद देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के ओडिशा प्रभारी अजय कुमार ने स्पष्ट रूप से उनसे उनके संसाधनों के सहारे चुनाव लड़ने को कहा है।

सुचरिता ने क्या कहा?

सुचरिता ने कहा, मैं एक वेतनभोगी पेशेवर पत्रकार थी और 10 वर्ष पहले चुनावी राजनीति में आई थी। मैंने पुरी में प्रचार अभियान में अपना सबकुछ झोंक दिया। मैंने प्रगतिशील राजनीति के लिए अपने प्रचार अभियान के समर्थन में चंदा अभियान चलाने की भी कोशिश की, लेकिन अब तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। मैंने अनुमानित अभियान खर्च को कम से कम रखने की भी पूरी कोशिश की। स्पष्ट है कि धन की कमी हमें पुरी में जिताऊ अभियान से रोक रही है। मुझे खेद है कि पार्टी से वित्तीय मदद के बिना पुरी में अभियान चलाना संभव नहीं होगा। इसलिए, मैं पुरी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का पार्टी का टिकट वापस कर रही हूं।

बीजेपी से संबित पात्रा हैं मैदान में

पुरी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता संबिता पात्रा और बीजू जनता दल (बीजद) ने मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त अरूप पटनायक को चुनाव मैदान में उतारा है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजद के पिनाकी मिश्रा ने इस सीट पर करीबी मुकाबले में भाजपा के संबित पात्रा को हराया था। बता दें, पुरी लोकसभा सीट पर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि छह मई है, जबकि नौ मई तक नाम वापस लिये जा सकते हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में 25 मई को मतदान होगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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