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हर हाल में रट लें बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की ये बातें, कदम चूमेगी सफलता, लोग करेंगे सैल्यूट

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में एक सैन्य छावनी में हुआ था। अपने माता-पिता, रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई, की 14वीं और अंतिम संतान थे। भारत रत्न बाबा साहेब अंबेडकर के जन्म दिवस को भारत में अंबेडकर जयंती के तौर पर मनाया जाता है।

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Ambedkar Jayanti 2025

डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर, जिन्हें बाबा साहेब अंबेडकर के नाम से भी जाना जाता है, एक महान समाज सुधारक, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता थे। उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पण का प्रतीक है। हर साल की तरह इस वर्ष भी 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती मनाई जा रही है। बाबा साहेब ने 1927 में महाड सत्याग्रह का नेतृत्व किया, जिसके तहत दलितों को सार्वजनिक जलाशय से पानी लेने का अधिकार दिलाया। इतना ही नहीं 1932 में पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर किए, जिसने दलितों के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था सुनिश्चित की। आइए डालते हैं एक नजर डॉ. भीमराव अंबेडकर के कुछ अनमोल विचारों पर:

1. “मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है।”

2. “मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है।”

3. “वे इतिहास नहीं बना सकते जो इतिहास को भूल जाते हैं।”

4. “शिक्षित बनो, संगठित रहो और उत्तेजित बनो।”

5. “धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए।”

6. “मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं।”

7. “एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है।”

8. “समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।”

9. “बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।”10. “मानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।”

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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