इलेक्शन

मुख्यमंत्री : कहानी बिहार के 17 दिन के CM की, इंस्पेक्टर से मुख्यमंत्री तक का सफर

बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री दीप नारायण सिंह मात्र 17 दिनों तक मुख्यमंत्री रहे। श्रीबाबू के निधन के बाद उन्होंने 1 फरवरी 1961 को पदभार संभाला और 18 फरवरी तक इस पद पर रहे। स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहे दीप नारायण सिंह कांग्रेस नेता रहे। उनके सम्मान में हाजीपुर में म्यूजियम भी बना।

Image

बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री बने थे दीप नारायण सिंह

Bihar assembly elections 2025: बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) होने तय हैं। राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। उधर नई-नई योजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है और पूर्ण हो चुकी योजनाओं का उद्घाटन हो रहा है। राज्य में SIR का मुद्दा पर काफी चर्चा में रहा और चुनाव आयोगन SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट भी जारी कर दी है। चुनावों के मद्देनजर हम आपके लिए बिहार के अब तक के सभी मुख्यमंत्रियों के बारे में जानकारी पहुंचा रहे हैं। इस कड़ी में आज बात हो रही है राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री दीप नारायण सिंह की। हालांकि, वह एक कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहे और उनका कार्यकाल मात्र 17 दिन का था। लेकिन एक मुख्यमंत्री रहे दीप नारायण सिंह के बारे में जानना जरूरी है।

बिहार को पहले मुख्यमंत्री श्रीबाबू के 31 जनवरी 1961 को निधन के बाद दीप नारायण सिंह को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाया गया। हाजीपुर से विधायक रहे दीप नारायण सिंह ने 1 फरवरी 1961 को पद संभाला और 18 फरवरी 1961 तक यानी 17 दिन वह इस पद पर रहे।

दीप नारायण सिंह का जन्म 25 दिसंबर 1894 को अपने गांव पुरनटांड में हुआ था। अपने शुरुआती करियर में उन्होंने स्कूल इंस्पेक्टर के तौर पर काम किया था।

स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका

दीप नारायण सिंह ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोदन से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। देश के आजाद होने पर वह कांग्रेस के टिकट पर संविधान सभा के लिए चने गए, जबकि वह एक सक्रिय सदस्य नहीं थे।

बिहार विधानसभा में दीप नारायण सिंह

दीप नारायण सिंह ने 1952 में बिहार के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर महनर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह (श्रीबाबू) ने उन्हें राज्य में विद्युत और सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी देकर अपनी कैबिनेट में जगह दी। लेकिन 31 जनवरी 1961 को पद पर रहते हुए श्रीबाबू के अचानक निधन के बाद राज्यपाल डॉ. जाकिर हुसैन ने दीप नारायण सिंह को बिहार का कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त किया। वह 1 फरवरी से 18 फरवरी 1961 तक इस पद पर रहे।

हाजीपुर में बना दीप नारायण सिंह का म्यूजियम

7 दिसंबर 1977 को दीप नारायण सिंह का निधन हो गया। डायरेक्टोरेट ऑफ आर्कियोलॉजी एंड म्यूजिम बिहार ने बिहार वैशाली जिले के हाजीपुर शहर में दीप नारायण सिंह का म्यूजियम बनाया। इस म्यूजियम में गुप्त काल, मौर्य काल और मध्य काल के कई महत्वपूर्ण कलेक्शन भी मौजूद हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article