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राम मंदिर पर अमित शाह vs प्रियंका गांधी वाड्रा, जानें क्यों भड़कीं राहुल की बहन; क्या है 'बाबरी ताला' वाला विवाद

Election News: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तीन चरणों का मतदान हो चुका है, आगामी 13 मई को चौथे राउंड की वोटिंग होनी है। इस बीच राम मंदिर के मुद्दे पर देश के गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। आखिर क्या है इस सियासी उठापटक की वजह, आपको समझाते हैं।

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राम मंदिर के मुद्दे पर सियासत में आया उबाल।

Photo : Times Now Digital

Amit Shah vs Priyanka Gandhi: एक चुनावी जनसभा के दौरान अमित शाह ने ये दावा किया कि यदि देश में कांग्रेस और INDI गठबंधन की सरकार आएगी तो राम मंदिर में बाबरी नाम का ताला लग जाएगा। शाह के इस आरोप पर कांग्रेस महासचिव और सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने झूठा करार दिया है। राम मंदिर के मुद्दे पर प्रियंका बनाम शाह की जंग शुरू हो गई है। प्रियंका गांधी ने कहा कि राम मंदिर पर 'बाबरी ताला' लगाने का आरोप 'सरासर झूठ' है, न्यायालय के फैसले का सम्मान है।

क्या है मंदिर में 'बाबरी ताला' वाला विवाद?

कांग्रेस के सत्ता में आने पर अयोध्या के राम मंदिर में 'बाबरी ताला' लगा दिये जाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोप को 'सरासर झूठ' करार देते हुए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने को कहा कि उनकी पार्टी कई बार कह चुकी है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करती है। रायबरेली में अपने भाई और कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी के पक्ष में प्रचार कर रही प्रियंका ने मीडिया से बातचीत में 'बाबरी ताले' को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा लगाये गये आरोप के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'यह सरासर झूठ है। कांग्रेस पार्टी ने कई बार कहा है कि वह (राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मामले में) अदालत के फैसले का सम्मान करेगी। हमने (अतीत में) ऐसा किया है और भविष्य में भी ऐसा ही करेंगे।'

शाह और पीएम मोदी ने कही थी ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के धार में कहा था कि वह चाहते हैं कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन मौजूदा लोकसभा चुनाव में 400 सीटें जीते ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 वापस नहीं लाये और अयोध्या में राम मंदिर पर 'बाबरी ताला' ना लगाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बुधवार को उत्तर प्रदेश में अपनी रैलियों में 'बाबरी' ताले की बात कही थी।

राम मंदिर में लग जाएगा बाबरी नाम का ताला'

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के बाद इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) की सरकार बनी तो अयोध्या के राम मंदिर पर 'बाबरी' नाम का ताला लगा दिया जाएगा। शाह ने खीरी सीट से भाजपा उम्मीदवार अजय मिश्रा 'टेनी' के समर्थन में आयोजित एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक दल समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव के एक बयान का जिक्र किया और कहा, 'रामगोपाल यादव राम मंदिर को बेकार बताते हैं। मेरी बात याद रखना। जरा भी गलती की तो ये लोग राम मंदिर पर बाबरी नाम का ताला लगा देंगे।'

उद्योगपतियों से 'सांठगांठ' पर क्या बोलीं प्रियंका?

कांग्रेस पर उद्योगपति गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी के साथ साठगांठ के प्रधानमंत्री के आरोप पर प्रियंका ने कहा, 'देखिए, ऐसा लगता है कि मोदी जी को भी नाम लेने के लिए मजबूर किया गया है। वह जो कह रहे हैं कि राहुल जी ने उनका (अडाणी और अंबानी) नाम लेना बंद कर दिया है, यह बिल्कुल गलत है। राहुल जी रोज-रोज तो नाम ले रहे हैं।'

राहल गांधी पर पीएम मोदी ने लगाया था ये आरोप

मोदी ने बुधवार को हैदराबाद के वेमुलावाड़ा में एक चुनावी रैली में कहा था, 'आपने देखा होगा कि कांग्रेस के शहजादे (राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए) पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरु करते थे। लेकिन जब से उनका राफेल वाला मामला ग्राउंडड हो गया तब से एक नई माला जपना शुरु किया। पांच साल से एक ही माला जपते थे। पांच उद्योगपति... फिर धीरे-धीरे कहने लगे... अंबानी, अडाणी... पांच साल से... लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी अडाणी को गाली देना बंद कर दिया।'

उन्होंने कहा, 'जरा ये शहजादे घोषित करें कि इस चुनाव में अंबानी अडाणी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भर के रुपये मारे हैं? क्या टेम्पो भर के नोट कांग्रेस के लिए पहुंचे हैं क्या? क्या सौदा हुआ है कि आपने रातों-रात अंबानी, अडाणी को गाली देना बंद कर दिया? जरूर दाल में कुछ काला है।' कांग्रेस मोदी सरकार पर हमला करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पर व्यवसायी गौतम अडानी और मुकेश अंबानी सहित देश के शीर्ष पांच उद्योगपतियों का पक्ष लेने का आरोप लगाती रही है।

पीएम को दी कांग्रेस का घोषणापत्र पढ़ने की सलाह

कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों पर प्रियंका ने कहा, 'उन्हें मेरी सलाह है। हालांकि वह प्रधानमंत्री हैं, वह मुझसे बड़े हैं...लेकिन मेरी सलाह है कि उन्हें पहले (कांग्रेस का) घोषणापत्र पढ़ना चाहिए और फिर उस पर टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने पढ़ा नहीं है। जो उनके मन में आता है, कह देते हैं कि इसमें ये लिखा है। ये सारी चीजें जो वह बोल रहे हैं, वो (घोषणापत्र में) लिखी ही नहीं हैं।'

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