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छत्रपति शिवाजी महाराज ने कोंढाणा किले का नाम बदलकर सिंहगढ़ किसके सम्मान में रखा था? KBC का सवाल

Why was Kondana Fort renamed Sinhagad: आप जानते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने कोंढाणा किले का नाम बदलकर सिंहगढ़ किसके सम्मान में रखा था। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।

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Why was Kondana Fort renamed Sinhagad

Why was Kondana Fort Renamed Sinhagad: केबीसी में अक्सर जनरल नॉलेज और इतिहास से जुड़े सवाल पूछ लिए जाते हैं। सामान्य ज्ञान की दुनिया में इतिहास से जुड़े सवाल अक्सर लोकों की दिलचस्पी बढ़ा देते हैं। खासकर जब सवाल छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके वीर सेनानियों से जुड़ा हो, तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है। यहां हम आपके लिए केबीसी के 17वें सीजन के एपिसोड 84 में पूछा गया एक सवाल लेकर आए हैं। क्या आप जानते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने कोंढाणा किले का नाम बदलकर सिंहगढ़ किसके सम्मान में रखा था। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।

KBC Question: क्या था पूरा सवाल

छत्रपति शिवाजी महाराज ने किस मराठा सेनापति के सम्मान में पुणे के कोंढाणा किले का नाम बदलकर सिंहगढ़ किया था? यहां आप आप्शन देख सकते हैं।

A.बाजी प्रभु देशपांडे

B.नेताजी पालकर

C.तानाजी मालुसरे

D.प्रतापराव गुजर

Why was Kondana Fort Renamed Sinhagad: क्या है सही ऑप्शन

बता दें यहां सही ऑप्शन सी तानाजी मालुसरे है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने मराठा सेनापति तानाजी मालुसरे के सम्मान में पुणे के कोंढाणा किले का नाम बदलकर सिंहगढ़ किया था। उनका जन्म 1600 ईस्वी में महाराष्ट्र के सतारा जिले के गोडोली (जवाली तालुका) गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सरदार कालोजी मालुसरे और माता का नाम पार्वतीबाई था। उनके भाई का नाम सरदार सूर्याजी मालुसरे था।

सबसे विश्वसनीय और बहादुर सेनापति

वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विश्वसनीय और बहादुर सेनापतियों में गिने जाते हैं साल 1670 में कोंढाणा किले पर अधिकार करने के लिए हुए युद्ध में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस समय किले पर मुगल पक्ष का नियंत्रण था। तानाजी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सैनिकों के साथ किले पर चढ़ाई की और बहादुरी से मुकाबला किया।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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