Where is Rakesh Sharma: राकेश शर्मा कौन थे, अभी कहां हैं? कैसे कराया देश को गौरवान्वित
- Authored by: नीलाक्ष सिंह
- Updated Feb 9, 2026, 07:13 PM IST
Where is Rakesh Sharma: अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक राकेश शर्मा थे, जो कि 3 अप्रेल 1984 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन गए थे। वो एक एतिहासिक दिन था। तब से लेकर आज तक 41 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी लोग इंटरनेट पर सर्च करते हैं कि राकेश शर्मा कहां हैं।
राकेश शर्मा कौन थे, अभी कहां हैं?
Where is Rakesh Sharma Living Now: राकेश शर्मा एक ऐसा नाम जो आपको गौरवान्वित कर देगा, क्योंकि यही वो शक्स हैं, जो कि पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन गए थे। (Who is rakesh sharma) 13 जनवरी, 1949 को जन्मे राकेश शर्मा, भारतीय वायु सेना के एक रिटायर्ड पायलट हैं, जो 3 अप्रैल, 1984 को Soviet Soyuz T-11 मिशन पर अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक बने। उस समय विंग कमांडर रहे शर्मा ने Salyut 7 space station पर लगभग आठ दिन बिताए और वैज्ञानिक रिसर्च की।
Where is Rakesh Sharma Now
वह अभी भी जीवित हैं और एक सामान्य जीवन जीते हैं। वे मीडिया से दूर रहना ज्यादा पसंद करते हैं। मीडिया रिपोट्स की मानें तो वे अभी तमिलनाडु के कुन्नूर में एक शांत, निजी जिंदगी जीते हैं। वह लाइमलाइट से दूर हैं, लेकिन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं और गगनयान मिशन पर अपने इंपुट देते हैं। कम शब्दों में कहें तो वे बागवानी और योग पर ध्यान देते हुए रिटायरमेंट की जिंदगी का आनंद ले रहे हैं।
Rakesh Sharma ने अंतरिक्ष में कितना समय बिताया
क्या आप जानते हैं कि राकेश शर्मा एक फाइटर पायलट रहे हैं। वे अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय नागरिक रहे हैं। ISRO और सोवियत संघ के ज्वॉइंट मिशन के तहत राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष यात्रा की थी। उस दौरान राकेश शर्मा ने 7 दिन 21 घंटे 40 मिनट तक वहीं समय बिताया।
चंद्रमिशन क्यों है जरूरी?
उन्हें Times Now के इंटरव्यू में देखा गया, जो कि चंद्रयान 2 मिशन के लॉन्च के दौरान का है, जिसमें उन्होंने चंद्रमान मिशन पर बात की और कहा - 'चंद्रयान 2 चंद्रमा पर पानी की तलाश कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि ध्रुवों के पास जहां तापमान कम है, वहां बर्फ मिलने की संभावना है और अगर पानी मिल जाता है तो चंद्रमा एक अच्छा ठिकाना बन जाएगा, एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिल जाएगा, जहां से आप अंतरिक्ष से जुड़े बड़े मिशन लॉन्च कर सकते हैं और बेशक आप हीलियम जैसी चीजों की माइनिंग भी कर सकते हैं। यही वह चीज है, जो अंतरिक्ष की खोज को संभव बना पाएगी।
