UP PGT Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त यानी एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता यानी PGT के 2615 पदों पर भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE को पत्र भेजकर B.Ed की अनिवार्यता और परास्नातक यानी PG में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त से एक बार के लिए छूट देने का अनुरोध किया है। अब इस पर NCTE के फैसले का इंतजार है।
बता दें कि इस भर्ती में कुल 2615 पदों के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा चुका है। अब अभ्यर्थियों की नजर NCTE के फैसले पर है। यदि एक बार की छूट मिलती है तो लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे प्रतियोगी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अंतिम पात्रता और भर्ती प्रक्रिया NCTE के निर्णय तथा संबंधित आधिकारिक नियमों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
शैक्षिक अर्हता में बदलाव को लेकर असमंजस
दरअसल, PGT भर्ती की शैक्षिक अर्हता में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों के बीच काफी असमंजस था। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें PGT भर्ती के लिए B.Ed को अनिवार्य करने के साथ PG में कम से कम 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू करने का प्रस्ताव था। इस बदलाव के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका जताई गई।
क्या थी शर्त
गौरतलब है कि PG में 50 प्रतिशत अंक की शर्त NCTE स्तर पर करीब एक दशक पहले निर्धारित की गई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसे अब तक लागू नहीं किया गया था। इसी तरह PGT भर्ती में B.Ed की अनिवार्यता को लेकर भी हाल में प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
अभ्यर्थी कर रहे थे प्रदर्शन
इसी मुद्दे को लेकर प्रयागराज में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया और कुछ प्रतियोगी आमरण अनशन पर भी बैठे। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे लंबे समय से चली आ रही पात्रता के आधार पर PGT भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में भर्ती से ठीक पहले नई शैक्षिक अर्हता लागू होने पर कई उम्मीदवार आवेदन करने के योग्य नहीं रहेंगे।
एनसीटीई को भेजा गया पत्र
अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने NCTE को औपचारिक पत्र भेजकर एक बार के लिए इन दोनों शर्तों में छूट देने का अनुरोध किया है। यदि NCTE यह अनुमति देता है तो 2615 PGT पदों पर भर्ती पुराने नियमों के आधार पर आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे उन अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सकता है जो नई अर्हताओं के कारण पात्रता से बाहर हो रहे थे।
