संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने मंगलवार को सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन- 2023 का रिजल्ट जारी कर दिया। लखनऊ के रहने वाले आदित्य श्रीवास्तव ने पहली रैंक हासिल की है, वहीं ओडिशा के बेटे अनिमेष प्रधान ने अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। किसी को पहली, तो किसी को दूसरी तो किसी को चौथी और पांचवीं बार में सफलता मिली है। किसी को बिना कोचिंग तो किसी को कई साल कोचिंग के बाद सफलता मिली है। जो सफल हुए हैं, अखबारों से लेकर टीवी तक पर उनकी कहानियां हैं लेकिन कुछ ऐसी भी युवा हैं जो सालों से तैयारी कर रहे हैं और असफलता के बावजूद उनका हौसला टूट नहीं पा रहा है। आज हम आपको 48 साल के पुष्पेंद्र श्रीवास्तव की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्हें इस बार भी सफलता मिली हैं। वह अब तक यूपीएससी सहित राज्य सेवा सिविल परीक्षा के 73 प्री, 43 मेन्स और 8 इंटरव्यू दे चुके हैं।
कौन हैं पुष्पेंद्र श्रीवास्तव उर्फ पुष्पेंद्र भैया
दिल्ली के मुखर्जी नगर में नेहरू विहार में एक कमरे में रहकर तैयारी करने वाले पुष्पेंद्र श्रीवास्तव को यहां पुष्पेंद्र भैया के नाम से जाना जाता है। वह जीवन के करीब 27 साल सिविल सर्विसेज की तैयारियों को समर्पित कर चुके हैं। पुष्पेंद्र किसी काउंसलर या गाइड से कम नहीं हैं। उनका कमरा किताबों और नोट्स से भरा रहता है। पुष्पेंद्र श्रीवास्तव मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित एक छोटे से गांव बंभौरी के रहने वाले हैं।
विकास दिव्यकीर्ति और मनोज शर्मा के साथी
विकास दिव्यकीर्ति जैसे नाम भी मुखर्जीनगर में उनके साथ तैयारी कर चुके हैं। वहीं 12th फेल वाले IPS मनोज शर्मा उनके रूममेट रहे हैं ।पुष्पेंद्र के माता पिता सरकारी शिक्षक रहे। गांव से दसवीं की पढ़ाई करने के बाद बाकी की पढ़ाई छतरपुर से की। इसके बाद सागर यूनिवर्सिटी से एमएससी किया।साल 1996 में एमएससी के बाद वह बीएड का फॉर्म भरने गए। जहां उन्होंने देखा कि मध्य प्रदेश पीसीएस का फॉर्म निकला है। उन्होंने दोनों भर दिए। पहली बार में उनका बीएड प्रवेश प्ररीक्षा क्लियर हुआ, साथ ही मध्य प्रदेश पीसीएस का प्रीलिम्स उन्होंने पास कर लिया। इसके बाद वह मेंस की तैयारी करने प्रयागराज गए। उनका एमपी पीएससी का भी प्रीलिम्स और फिर मेन्स निकल गया लेकिन इंटरव्यू में सेलेक्ट नहीं हो सके।
तैयारी के लिए दिल्ली पहुंचे
प्रीलिम्स और मेंस निकालने के बाद पुष्पेंद्र दिल्ली आ गए और नेहरू विहार में रहने लगे। पहली बार में यूपीएससी का प्रीलिम्स दिया तो उसमें भी सेलेक्शन हो गया लेकिन अब तक 73 प्री, 43 मेन्स और 8 इंटरव्यू के बाद भी किसी एग्जाम में चयन नहीं हो पाया है। 48 की उम्र में उनका संघर्ष अभी भी जारी है। ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर पुष्पेंद्र का कहना है कि वह बनेंगे तो अफसर ही, उम्र क्या हो गई इससे फर्क नहीं। वह कहते हैं कि सफलता मिलना या ना मिलना अलग बात है लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने अपना शत प्रतिशत दिया। पुष्पेंद्र इस समय तैयारी के साथ एक कोचिंग संस्थान में एजुकेटर की जॉब भी कर रहे हैं।
