क्या RAC टिकट कंफर्म सीट की गारंटी देता है? इसका असली मतलब क्या है?

अगर ट्रेन टिकट बुक करते समय आपके सामने RAC लिखा आ रहा है, तो इसका मतलब है Reservation Against Cancellation। ऐसे टिकट को लेकर अक्सर यह सवाल होता है कि क्या RAC टिकट लेकर ट्रेन में सफर किया जा सकता है और क्या आपको सीट मिलेगी।

Authored by: Pradeep PandeyUpdated Oct 6 2026, 17:46 IST
इसका सीधा जवाब है, हां, RAC टिकट पर आप ट्रेन में सफर कर सकते हैं और आपको रिजर्व सीटिंग की सुविधा मिलती है। हालांकि, RAC का मतलब यह नहीं है कि शुरुआत से ही आपको पूरी सोने वाली बर्थ मिल गई है।01 / 09

इसका सीधा जवाब है, हां, RAC टिकट पर आप ट्रेन में सफर कर सकते हैं और आपको रिजर्व सीटिंग की सुविधा मिलती है। हालांकि, RAC का मतलब यह नहीं है कि शुरुआत से ही आपको पूरी सोने वाली बर्थ मिल गई है।

RAC में सीट मिलती है, लेकिन पूरी बर्थ जरूरी नहींImage Credit : Indian Railway02 / 09

RAC में सीट मिलती है, लेकिन पूरी बर्थ जरूरी नहीं

अगर आप स्लीपर जैसी बर्थ वाली क्लास में RAC टिकट पर यात्रा कर रहे हैं, तो शुरुआत में दो RAC यात्रियों को एक RAC के लिए निर्धारित बर्थ पर बैठने की व्यवस्था मिल सकती है। यानी आपकी यात्रा की जगह सुनिश्चित रहती है, लेकिन पूरी बर्थ की गारंटी उस समय नहीं होती। इसलिए RAC टिकट को कंफर्म टिकट और वेटिंग टिकट के बीच की स्थिति के तौर पर समझ सकते हैं।

RAC टिकट कंफर्म कैसे होता है?Image Credit : Indian Railway03 / 09

RAC टिकट कंफर्म कैसे होता है?

अब मान लीजिए आपने टिकट बुक किया और आपका स्टेटस RAC 25 है। यात्रा से पहले अगर कुछ कंफर्म टिकट कैंसिल हो जाते हैं, तो खाली हुई बर्थ RAC यात्रियों को नियम के मुताबिक दी जा सकती है। ऐसे में आपका स्टेटस RAC 25 से RAC 10, फिर RAC 2 और आखिरकार CNF तक पहुंच सकता है। टिकट कन्फर्म होते ही आपको पूरी बर्थ मिल जाती है।

चार्ट बनने के बाद भी RAC टिकट मान्य हैImage Credit : Indian Railway04 / 09

चार्ट बनने के बाद भी RAC टिकट मान्य है

अगर अंतिम रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने तक आपका टिकट RAC ही रहता है, तब भी आपको ट्रेन में चढ़कर सफर करने की अनुमति होती है। यानी सिर्फ RAC रहने की वजह से आपका टिकट बेकार नहीं हो जाता। आपको रिजर्व सीटिंग मिलती है, लेकिन RAC व्यवस्था के तहत बर्थ शेयर करनी पड़ सकती है।

सफर के दौरान भी मिल सकती है पूरी बर्थImage Credit : Indian Railway05 / 09

सफर के दौरान भी मिल सकती है पूरी बर्थ

एक और बात आपके लिए जानना जरूरी है। ट्रेन चलने के बाद भी RAC यात्री को पूरी बर्थ मिलने की संभावना रहती है। अगर कोई कन्फर्म यात्री ट्रेन में नहीं आता, नियमों के तहत टिकट कैंसिल करता है या किसी दूसरी वजह से बर्थ खाली हो जाती है, तो ट्रेन में मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ नियम और प्राथमिकता के आधार पर वह खाली बर्थ RAC यात्री को दे सकता है।

RAC और वेटिंग टिकट में बड़ा फर्कImage Credit : Indian Railway06 / 09

RAC और वेटिंग टिकट में बड़ा फर्क

RAC और वेटिंग टिकट को एक जैसा समझने की गलती न करें। RAC टिकट आपको ट्रेन में यात्रा करने का अधिकार देता है और रिजर्व सीटिंग उपलब्ध कराता है। वहीं केवल वेटिंग लिस्ट में रहने वाले टिकट की स्थिति अलग होती है। इसलिए अगर आपका टिकट RAC में आ गया है, तो कम से कम यात्रा को लेकर आपकी स्थिति वेटिंग टिकट की तुलना में ज्यादा सुनिश्चित रहती है।

रेलवे RAC की व्यवस्था क्यों रखता है?Image Credit : Indian Railway07 / 09

रेलवे RAC की व्यवस्था क्यों रखता है?

RAC व्यवस्था का मकसद उपलब्ध सीटिंग और बर्थ का बेहतर इस्तेमाल करना है। अगर कुछ यात्रियों की बर्थ कैंसिल होती है या खाली रह जाती है, तो रेलवे उस जगह को RAC यात्रियों को देकर ज्यादा लोगों की यात्रा सुनिश्चित कर सकता है। यानी यात्रियों को पूरी तरह वेटिंग में रखने के बजाय RAC के जरिए उन्हें सीटिंग सुविधा के साथ यात्रा का विकल्प दिया जाता है।

RAC टिकट है तो क्या समझें?Image Credit : Indian Railway08 / 09

RAC टिकट है तो क्या समझें?

तो अगली बार आपके टिकट पर RAC लिखा हो, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। RAC टिकट पर ट्रेन में सफर किया जा सकता है और सीट मिलती है, लेकिन शुरुआत में पूरी सोने वाली बर्थ मिलना जरूरी नहीं है।

नियमों के आधार परImage Credit : Indian Railway09 / 09

नियमों के आधार पर

यात्रा से पहले टिकट कन्फर्म हो सकता है और ट्रेन में सफर के दौरान भी खाली होने पर पूरी बर्थ मिल सकती है। इसलिए RAC को ऐसी स्थिति समझें जिसमें आपकी यात्रा की जगह बनी रहती है, जबकि पूरी बर्थ मिलने का मौका उपलब्धता और नियमों के आधार पर रहता है।

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