Republic Day Anchoring Script, Speech In Hindi 2025: गणतंत्र दिवस पर कुछ इस तरह संचालित करें मंच, बजेंगी खूब तालियां
Republic Day Anchoring Script, Speech, Poem In Hindi 2025 LIVE (गणतंत्र दिवस पर मंच संचालन कैसे करें): गणतंत्र दिवस भारत में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस बार 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। ऐसे में यहां हम आपके लिए रिपब्लिक डे एंकरिंग स्क्रिप्ट, स्पीच और कविता लेकर आए हैं।
Republic Day Anchoring Script, Speech In Hindi 2025: गणतंत्र दिवस पर कुछ इस तरह संचालित करें मंच, बजेंगी खूब तालियां
Republic Day Anchoring Script In Hindi
एंकर: रिलीजियस वाला जो कॉलम होता है, उसमें हम बोल्ड और कैपिटल में इंडियन लिखते हैं..इस फिल्मी डायलॉग के साथ आप मंच का संचालन कर सकते हैं। इसके बाद मंच पर उपस्थित प्रधानाचार्य, मंचासीन अतिथिगण, शिक्षकगण व अपने प्रिय साथियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दें।
Republic Day Anchoring Script In Hindi LIVE: छात्रों का बढ़ाएं हौसला
Republic Day Anchoring Script In Hindi: गणतंत्र दिवस पर एंकरिंग स्क्रिप्ट
Republic Day Anchoring Script In Hindi LIVE: इस कविता से करें एंकरिंग की शुरुआत
हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसितां हमारा
गुर्बत में हों अगर हम रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी दिल हो जहां हमारा
पर्बत वो सब से ऊंचा हम-साया आसमां का
वो संतरी हमारा वो पासबां हमारा
गोदी में खेलती हैं इस की हजारों नदियां
गुलशन है जिन के दम से रश्क-ए-जिनां हमारा
ऐ आब-रूद-ए-गंगा वो दिन है याद तुझ को
उतरा तिरे किनारे जब कारवां हमारा
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तां हमारा
यूनान ओ मिस्र ओ रूमा सब मिट गए जहां से
अब तक मगर है बाकी नाम-ओ-निशां हमारा
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़मां हमारा
Republic Day Anchoring Script In Hindi LIVE: कठिन शब्दों का प्रयोग करने से बचें
Republic Day Anchoring Script In Hindi LIVE: रिपब्लिक डे एंकरिंग स्क्रिप्ट
Republic Day Anchoring Script In Hindi LIVE: इस बात का रखें ध्यान
Republic Day Anchoring Script: इस कविता से कर सकते हैं मंच संचालन
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊं॥
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, हे हरि, डाला जाऊं।
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढूं, भाग्य पर इठलाऊं॥
मुझे तोड़ लेना वनमाली!
उस पथ में देना तुम फेंक॥
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने।
जिस पथ जावें वीर अनेक॥
Republic Day Anchoring Script In Hindi LIVE: इस कविता को मंच से बोलें
ख़ुशी के गीत गाए जा;
ये ज़िंदगी है क़ौम की,
तू क़ौम पे लुटाए जा।
उड़ी तमिस्र रात है, जगा नया प्रभात है,
चली नई जमात है, मानो कोई बरात है,
समय है, मुस्कुराए जा,
ख़ुशी के गीत गाए जा।
ये ज़िंदगी है क़ौम की
तू क़ौम पे लुटाए जा।
जो आ पड़े कोई विपत्ति मार के भगाएँगे,
जो आए मौत सामने तो दाँत तोड़ लाएँगे,
बहार की बहार में
बहार ही लुटाए जा।
क़दम क़दम बढ़ाए जा,
ख़ुशी के गीत गाए जा।
जहाँ तलक न लक्ष्य पूर्ण हो समर करेंगे हम,
खड़ा हो शत्रु सामने तो शीश पै चढ़ेंगे हम,
विजय हमारे हाथ है
विजय-ध्वजा उड़ाए जा।
क़दम क़दम बढ़ाए जा,
ख़ुशी के गीत गाए जा।
क़दम बढ़े तो बढ़ चले, आकाश तक चढ़ेंगे हम,
लड़े हैं, लड़ रहे हैं, तो जहान से लड़ेंगे हम;
बड़ी लड़ाइयाँ हैं तो
बड़ा क़दम बढ़ाए जा।
क़दम क़दम बढ़ाए जा
ख़ुशी के गीत गाए जा।
निगाह चौमुखी रहे, विचार लक्ष्य पर रहे,
जिधर से शत्रु आ रहा उसी तरफ़ नज़र रहे,
स्वतंत्रता का युद्ध है,
स्वतंत्र होके गाए जा।
क़दम क़दम बढ़ाए जा,
ख़ुशी के गीत गाए जा।
ये ज़िंदगी है क़ौम की
तू क़ौम पे लुटाए जा।
