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National Science Day 2023: नेशनल साइंस डे, कैसे व क्यों मनाया जाता है? जानें क्या होता है खास

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Feb 28, 2023, 07:44 AM IST

National Science Day 2023: अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, या सामान्य ज्ञान से जुड़ी खबरें पसंद करते हैं, तो आपको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2023 (National Science Day) के बारे में जरूर से पता होना चाहिए। National Science Day हर साल 28 फरवरी को मनाया जाता है।

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नेशनल साइंस डे 2023

Photo : iStock

National Science Day 2023: हर साल 28 फरवरी को नेशनल साइंस डे मनाया जाता है, लेकिन बतौर विद्यार्थी कम ही लोग जानते हैं कि आखिर इस दिन की शुरुआत कैसे हुई, इसे मनाने जाने का कारण क्या है इत्यादि। फिलहाल यदि आप सरकारी नौकरी की तैयारी नहीं भी करते हैं, तब भी आप इन विशेष दिनों के बारे में जरूर बेसिक जानकारी होनी चाहिए।

Which is the National Science Day of India? भारत में नेशनल सांइस डे

हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भारतीय वैज्ञानिक और चिकित्सक सी.वी. द्वारा 'रमन प्रभाव' (अंग्रेजी में Raman Effect) की खोज की याद में मनाया जाता है।

What is the theme for National Science Day 2023? थीम क्या है?

हर साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के लिए थीम रखी जाती है। इस बार यानी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2023 के लिए थीम है — 'Global Science for Global Wellbeing

बता दें, भारत सरकार हर साल इस थीम का चुनाव करती है।

When was first National Science Day celebrated? पहली बार कब मनाया गया?.

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पहली बार भारत में 1987 में मनाया गया था। इस दिन से लगातार यह हर साल देश में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक नवाचारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जा रहा है।

Who introduced Science Day? कैसे हुई शुरुआत

1986 में, नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन (NCSTC) ने भारत सरकार से 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित करने के लिए कहा। भारत सरकार ने 1986 में इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में स्वीकार किया, लेकिन पहली बार राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी, 1987 को मनाया गया।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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