Ghaziabad Student Raises Questions Over CBSE On-Screen Marking: सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इस बार ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम के जरिए किया गया। रिजल्ट जारी होने के बाद देशभर में बड़ी संख्या में छात्रों ने अपने अंकों को लेकर असंतोष और नाराजगी जाहिर की है। कई छात्रों का कहना है कि उन्हें उम्मीद से काफी कम नंबर दिए गए, जबकि उन्होंने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया था। गाजियाबाद निवासी छात्र स्पर्श ने बताया कि केमिस्ट्री विषय में उन्हें सिर्फ 70 अंक मिले। शुरुआत में उन्होंने और उनके परिवार ने यही मान लिया कि शायद उत्तर लिखने में कुछ कमियां रह गई होंगी, इसलिए इतने नंबर आए। हालांकि स्पर्श का कहना था कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनके 80 से अधिक अंक आएंगे।
इसी बीच देशभर से कई छात्रों द्वारा मूल्यांकन को लेकर सवाल उठाए जाने लगे। छात्रों की बढ़ती नाराजगी के बाद जब सीबीएसई की ओर से री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका देखने का विकल्प दिया गया, तब स्पर्श ने भी अपनी आंसर शीट के लिए आवेदन किया। स्पर्श के अनुसार, जब उन्होंने अपनी कॉपी को सीबीएसई द्वारा जारी आंसर-की से मिलाया और अपने शिक्षकों को भी दिखाया, तो पाया गया कि कई उत्तर बिल्कुल सही और आंसर-की के अनुरूप लिखे गए थे। इसके बावजूद उन सवालों में उन्हें शून्य अंक दिए गए थे।
स्पर्श का दावा है कि ऐसे लगभग 10 सवाल थे, जिनमें सही उत्तर लिखने के बावजूद उनके अंक काट दिए गए। स्पर्श का कहना है कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के मन में चिंता और असुरक्षा पैदा करती हैं। उनका कहना है कि जब मेहनत के बाद भी सही उत्तरों पर नंबर न मिलें, तो छात्रों का परीक्षा प्रणाली से भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि पहले नीट परीक्षा को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था और अब सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर भी छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
