परीक्षा परिणाम आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के मन में अक्सर एक सवाल रहता है- आखिर नंबर कैसे मिले, कहां कटे और मूल्यांकन किस आधार पर हुआ? अब जल्द ही इन सवालों के जवाब एक क्लिक पर मिल सकते हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अगले साल से ऐसा बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके तहत छात्रों को DigiLocker पर सिर्फ डिजिटल मार्कशीट ही नहीं, बल्कि उनकी स्कैन की हुई उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
अगर यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होती है तो रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र अपनी कॉपी ऑनलाइन देख सकेंगे। उन्हें यह जानने का मौका मिलेगा कि किस सवाल पर कितने अंक मिले, कहां अंक काटे गए और मूल्यांकन के दौरान परीक्षक ने कौन-सी टिप्पणियां कीं। इससे परीक्षा परिणाम को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
इस कदम के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। हाल के महीनों में मूल्यांकन प्रक्रिया और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) को लेकर उठे सवालों के बीच बोर्ड छात्रों का भरोसा मजबूत करना चाहता है। उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन उपलब्ध होने से मूल्यांकन प्रक्रिया पहले से अधिक खुली और स्पष्ट दिखाई देगी।
इसके अलावा री-चेकिंग और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया भी आसान हो सकती है। वर्तमान व्यवस्था में छात्रों को पहले उत्तर पुस्तिका की कॉपी मांगनी पड़ती है और फिर अंकों के सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। डिजिटल कॉपी उपलब्ध होने पर यह पूरी प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक बन सकती है।
CBSE पिछले कुछ वर्षों से परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली को लगातार डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं को DigiLocker से जोड़ने की पहल उसी डिजिटल बदलाव का अगला बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस व्यवस्था से कागज के उपयोग में कमी आएगी, फिजिकल कॉपियों के रखरखाव और भेजने का खर्च घटेगा तथा छात्रों को अपने परिणाम से जुड़ी जानकारी पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यदि यह योजना पूरी तरह लागू होती है, तो रिजल्ट के बाद की प्रक्रिया छात्रों और अभिभावकों के लिए पहले से कहीं अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हो सकती है। यानी आने वाले सालों में सिर्फ मार्कशीट नहीं, बल्कि पूरी उत्तर पुस्तिका भी छात्रों की डिजिटल पहुंच में होगी।
