CBSE Board Exam 2028: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2028 में आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के नियमों और परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव किए हैं। बोर्ड द्वारा जारी नए सर्कुलर के अनुसार, अब छात्रों के लिए पांच मुख्य विषय अनिवार्य होंगे, जबकि छठे अतिरिक्त विषय के रूप में स्किल सब्जेक्ट को शामिल किया गया है। सीबीएसई द्वारा उठाया गया यह ऐतिहासिक कदम छात्रों को परीक्षा के मानसिक तनाव से राहत देने और उनके करियर को व्यावहारिक दिशा प्रदान करने में एक 'सेफ्टी नेट' साबित होगा।
फेल होने पर भी पास कराएगा 'स्किल सब्जेक्ट'
सीबीएसई के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई छात्र 10वीं बोर्ड परीक्षा के तीन मुख्य अनिवार्य विषयों—गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में असफल यानी फेल हो जाता है, लेकिन वह अपने छठे वैकल्पिक 'स्किल सब्जेक्ट' में पास है, तो कौशल विषय के अंकों को उस मुख्य विषय से रिप्लेस कर दिया जाएगा, जिसमें वह फेल हुआ था। इस आधार पर छात्र की पास होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इस व्यवस्था के लागू होने से छात्र का अंतिम परिणाम 'पास' घोषित किया जाएगा, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने से बच जाएगा।
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वोकेशनल एजुकेशन के लिए दो विकल्प
2028 बोर्ड परीक्षा बैच के लिए वोकेशनल एजुकेशन सिलेबस का अनिवार्य हिस्सा रहेगी। इसके लिए बोर्ड ने छात्रों को दो व्यावहारिक विकल्प प्रदान किए हैं -
| स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन | छात्र 'कौशल विकास' विषय चुन सकते हैं। इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा और न्यूनतम 33% अंक लाने पर सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके लिए अलग से राष्ट्रीय बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। |
| राष्ट्रीय स्तर की बोर्ड परीक्षा | छात्र सीबीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त 22 आधिकारिक स्किल विषयों में से किसी एक विषय जैसे- AI, डेटा साइंस, आईटी, हेल्थकेयर, डिजाइन थिंकिंग, फाइनेंशियल मार्केट आदि का चयन कर सकते हैं। इसकी परीक्षा बोर्ड द्वारा ली जाएगी और सफल छात्रों को 'राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे' (NSQF) के तहत सर्टिफिकेट मिलेगा। |
किन पर लागू होंगे नियम और क्या बदला?
प्रभावी सत्र: यह नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्रों पर लागू होगा, जो 2028 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे।
मौजूद छात्रों पर असर नहीं - वर्तमान (2026-27 सत्र) में 10वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों पर इन नए बदलावों का कोई असर नहीं पड़ेगा।
सिलेबस से हटाए गए विषय - नए सिलेबस से 'इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी', 'कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) व AI मॉड्यूल्स' और 10वीं से 'पर्यावरण शिक्षा' को बाहर कर दिया गया है।
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अभिभावकों व विद्यार्थियों के लिए जरूरी सलाह
छात्र 9वीं कक्षा में प्रवेश के समय ही अपनी रुचि के अनुसार स्किल सब्जेक्ट चुनें, ताकि दो साल में उनकी व्यावहारिक समझ मजबूत हो सके। इसके साथ ही छात्रों को सलाह है कि वह थ्री-न्यू लैंग्वेज पॉलिसी के तहत भारतीय भाषाओं का चुनाव करते समय अपनी क्षेत्रीय या हिंदी/संस्कृत जैसी भाषाओं के संयोजन पर ध्यान दें।
