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Career in Physiotherapy: क्रिकेटर्स के साथ घूमें फ्री में देश विदेश, जानें इस शानदार करियर ऑप्शन के बारे में

Career in Physiotherapy in Hindi: आज कल की सारी बीमारियां लाइफस्टाइल से जुड़ी हैं। हर घर में कोई न कोई बीमार या परेशान है, इसमें ज्यादातर दिक्कत हमें खराब पॉश्चर की वजह से होती है। अब यह खराब पॉश्चर आपके ऑफिस कल्चर या काम धंधे से जुड़े रूटीन की वजह से हो सकता है। तो क्यों न ऐसे किसी सेक्टर में करियर बनाएं जहां आने वाले समय में हमेशा स्कोप रहेगा, पैसा रहेगा और फ्री में देश विदेश घूमने का भी मौका मिल सकता है। चलिए आज ऐसे ही एक करियर ऑप्शन की बात करेंगे जिसका नाम है फिजियोथेरेपी

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फिजियोथेरेपी में करियर

Career in Physiotherapy in India: आज कल की सारी बीमारियां लाइफस्टाइल से जुड़ी हैं। हर घर में कोई न कोई बीमार या परेशान है, इसमें ज्यादातर दिक्कत हमें खराब पॉश्चर की वजह से होती है। अब यह खराब पॉश्चर आपके ऑफिस कल्चर या काम धंधे से जुड़े रूटीन की वजह से हो सकता है। तो क्यों न ऐसे किसी सेक्टर में करियर बनाएं जहां आने वाले समय में हमेशा स्कोप रहेगा, पैसा रहेगा और फ्री में देश विदेश घूमने का भी मौका मिल सकता है। (Career Opportunities in Physiotherapy) चलिए आज ऐसे ही एक करियर ऑप्शन की बात करेंगे जिसका नाम है फिजियोथेरेपी

सबसे पहले बात देश विदेश में फ्री घूमने की

भारत में सभी खेलों से ज्यादा क्रिकेट की दीवानगी है, क्रिकेट मैच आए दिन होते रहते हैं, और सभी मैच अलग अलग शहरों में आयोजित किए जाते हैं, ताकि हर जगह की जनता को अपने फेवरेट खेल व क्रिकेटर्स को लाइव देखने का मौका मिले, सोचिए यह क्रिकेटर्स कितना घूमते हैं। (Career in Physiotherapy) लेकिन आपने कभी इस बारे में सोचा है के इनके साथ नॉन क्रिकेटर्स भी होते हैं, जिन्हें साथ में रहना होता है। फिजियोथेरेपिस्ट के अलावा क्रिकेट टीम या दूसरे खेल की टीम के साथ कोच, कैमरामैन, वीडियोग्राफर, मीडिया पर्सन आदि होते हैं, इस लेख में हम जानेंगे फिजियोथेरेपिस्ट के बारे में.....फिजियोथेरेपिस्ट क्यों है एक शानदार करियर ऑप्शन? कैसे बनाएं इसमें करियर

फिजियोथेरेपी में करियर कितना सही? Career in Physiotherapy

Physiotherapy को Physical Therapy भी कहा जाता है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में 5.44% (2022 से 2026 तक) की अनुमानित चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ते व्यवसायों में से एक है। स्वास्थ्य सेवा का क्षेत्र 6 बिलियन डॉलर का बाजार बनने की ओर अग्रसर है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट, WHO Report

आज हर क्षेत्र में विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी की जरूरत है, इसमें डिग्री डिप्लोमा व ट्रेनिंग लेने के बाद अनुशासन भी बहुत जरूरी है। विश्व स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि प्रत्येक 10,000 नागरिकों के लिए एक फिजियोथेरेपिस्ट की आवश्यकता है।

फिजियोथेरेपी की क्यों है जरूरत, Career in Physiotherapy in India

अपने आसपास के लोगों को गौर से देखिए, कोई ऑफिस में एक ही पोजिशन में काम करने की वजह से परेशान है, तो कोई बॉडी को खेल के बहाने अत्यधिक थकान दे रहा है। किसी का काम दिन भर चलना है, तो किसी का काम दिन भर खड़े रहना है। जो भी है कुल मिलाकर शरीर को जरूरत से ज्यादा काम की ओर ढकेला जा रहा है। (Career in Physiotherapy in India) आप चाहें टीचर बनकर दिन भर स्कूल में एक क्लास से दूसरे क्लास जाएं, ट्रैफिक पुलिस बनकर सारा दिन रोड पर खड़े रहें, प्रैक्टिस की बहाने थकान की सीमा को पार कर जाएं, जिम में अत्यधिक भार उठाएं या कैब ड्राइवर बनकर गाड़ी चलाते रह जाएं, सभी क्षेत्र ऐसे ही हैं, जहां शरीर का ध्यान न रखें जाने पर बड़ी दिक्कत बनने का जोखिम रहता है, कई बार यह दिक्कतें जीवन भर प्रभावित कर सकती है, ऐसे में डॉक्टर के पास जाने पर भी वे आपको फिजियोथेरेपी के पास जाने की सलाह देते हैं।

किसे करना चाहिए फिजियोथेरेपी का कोर्स, Physiotherapy Courses

अगर आप भी फिजियोथेरेपी का कोर्स करने के इच्छुक हैं, तो कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। हालांकि PCB से पढ़ाई करने वाले उम्मीदवारों की ज्यादा मांग रहती है। अगर आप डिग्री करना चाहते हैं, तो आपको Bachelor in Physiotherapy (BPTh) में एडमिशन लेने की जरूरत है, लेकिन यह 3 नहीं 4 चाल का प्रोग्राम हो सकता है, इसके अलावा इंटर्नशिप भी अनिवार्य रहती है।

फिजियोथेरेपिस्ट की सैलरी, Physiotherapy Salary

एक फिजियोथेरेपिस्ट प्रति सेशन का भी चार्ज कर सकता है, प्रति सप्ताह का भी और माह के अनुसार भी। (Physiotherapy Salary in India) औसतन इनकम की बात करें तो एक फिजियोथेरेपिस्ट एक सेशन का 500 रुपये चार्ज कर सकता है। हालांकि मेट्रो या नॉन मेट्रो शहर के हिसाब से भी इनकम में फर्क हो सकता है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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