Government Jobs for BA LLB: वकालत के क्षेत्र में करियर बनाने का सोच रहे हैं और सही कोर्स का सलेक्शन करने में कन्फ्यूजन हो रहा है तो ये आर्टिकल आपके लिए है। अक्सर छात्र वकालत के क्षेत्र में जाने के लिए पहले तीन साल का ग्रेजुएशन किसी भी स्ट्रीम में करते हैं। इसके बाद तीन साल का एलएलबी कोर्स करते हैं।यहां हम बीए एलएलबी इंटीग्रेटेड कोर्स के बारे में बता रहे हैं
एलएलबी या बीए एलएलबी कोर्स में से किसमें एडमिशन लें? किसमें नौकरी पहले मिलेगी? कौन सा कॉलेज बेस्ट होगा? ऐसे सवाल छात्रों के मन में जरूर आता है।ऐसे ही छात्रों का कन्फ्यूजन नीचे बताए डिटेल्स से दूर हो सकता है।
क्या है एलएलबी?
एलएलबी कोर्स का पूरा नाम बैचलर ऑफ लॉ है। इस कोर्स में पूरी तरह से सिर्फ वकालत की पढ़ाई होती है। इस कोर्स का चुनाव किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करने के बाद कर सकते हैं। इस कोर्स को तीन साल में पूरा किया जा सकता है। इसके लिए अगर टॉप कॉलेज की बात की जाय तो कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट(CLAT) पास करना होगा। तब जाकर किसी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLUs)या डीयू में एडमिशन हासिल कर सकते हैं।
एलएलबी कोर्स को करने के बाद ऑल इंडिया बार एग्जाम (AIBE) परीक्षा देकर वकालत का हासिल करना होगा। AIBE परीक्षा पास करने वालों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा यह अधिकार मिलता है कि वकील देश के किसी भी न्यायालय में जाकर वकालत की प्रैक्टिस कर सकते हैं।यही वजह है कि हर साल AIBE Exam में हजारों की संख्या में परीक्षार्थी शामिल होते हैं।
क्या है बीए एलएलबी?
12वीं पास होने के बाद ग्रेजुएशन लेवल पर बीए एलएलबी कोर्स कर सकते है। यह एक 5 साल का इंटीग्रेटेड एग्जाम है। इसमें वकालत के साथ-साथ इतिहास ,भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और हिन्दी या इंग्लिश जैसे विषय भी पढ़ सकते हैं। एलएलबी की तुलना में बीए एलएलबी कोर्स इन दिनों ज्यादा डिमांड में है। यही वजह है कि सेंट्रल यूनिवर्सिटीज भी अब 5 वर्षीय बीए एलएलबी कोर्स को कम फीस में करा रही है।
बात की जाए पहले नौकरी मिलने की तो बीए एलएलबी कोर्स करने के बाद नौकरी जल्दी लगने की संभावनाएं होती हैं। BA LLB कोर्स करने पर आपको एक साल ज्यादा मिलता है। इस दौरान आप AIBE परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं या परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। ज्यादातर प्राइवेट फर्म भी लीगल कंसल्टेंट के पोस्ट पर बीए एलएलबी वालों को प्राथमिकता देते हैं।
