Yamuna River Pollution: यमुना के जहरीले पानी पर रार, आखिर क्या सोचती है दिल्ली -एनसीआर की जनता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 9, 2021, 08:24 AM IST

Yamuna River Pollution:दिल्ली की हवा इस समय जहरीली है तो यमुना नदी के पानी का भी वही हाल है। इस विषय पर दिल्ली सरकार, यूपी और हरियाणा को कोस रही है।

Yamuna River Pollution: यमुना के जहरीले पानी पर रार, आखिर क्या सोचती है दिल्ली -एनसीआर की जनता

Yamuna River Pollution: नदी का पानी कैसा होना चाहिए, ये भी भला कोई सवाल है। अब इस सवाल का जवाब उस तस्वीर जो यमुना नदी से जुड़ी है। यमुना में पानी जहरीला हो चुका है। नदी के पानी में सफेद फोम जैसा विषैला पदार्थ तैर रहे हैं। वैसे तो यमुना की सफाई पर बड़े बड़े वादे और दावे किए जाते हैं लेकिन तस्वीर सभी दावों की खिल्ली उड़ाती नजर आती है। इस विषय पर  हुक्मरान एकदूसरे पर ठीकरा फोड़कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ लेते हैं। 

यमुना हुई जहरीली, तीखी हुई राजनीतिक बयानबाजी
दिल्ली में यमुना की तस्वीर किसी से छिपी नहीं है। आप सिर्फ भर लोहे के पुल या आईटीओ पुल या कालिंदी कुंज पुल पर खड़े हो जाएं तो यमुना बेदम नजर आएगी। इस संबंध में दिल्ली सरकार का कहना है कि यमुना की इस तरह की तस्वीर के लिए हरियाणा और यूपी दोषी हैं। अब इस विषय पर जनता क्या सोचती है उसे जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि अगर आप यमुना में स्नान करते हैं तो किस तरह के खतरे का सामना कर सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आप इस समय यमुना के पानी में सिर्फ एक घंटे खड़े हों तो बदन में खुजली का होना निश्चित है। इसके साथ ही अगर प्रदूषित पानी से आपका सामना हर दिन होता है तो निश्चित तौर पर स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। 


क्या सोचती है पब्लिक
अब बात करते हैं दिल्ली और एनसीआर की जनता इस विषय पर क्या सोचती है। वजीराबाद के रहने वाले संजीव का कहना है कि यमुना की फोम वाली तस्वीर नई बात नहीं है। वो दिल्ली में पिछले 20 वर्षों से रह रहे हैं और इस तरह की तस्वीर के वो गवाह हैं। दुख की बात यह है कि सरकारें यमुना सफाई की बातें तो करती हैं लेकिन राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप में बात वहीं की वही रह जाती है। जहां तक दिल्ली सराकर की बात है तो आप सरकार भी नाकाम रही है, हालांकि एक सच यह भी है कि अगर पानी पीछे से यानी कि हरियाणा या यूपी से प्रदूषित आएगा तो दिल्ली सरकार विशेष तौर पर क्या कुछ कर सकती है। लेकिन दिल्ली की आबादी 2 करोड़ से अधिक है तो कचरे का डिस्पोजल यहां से भी हो रहा है, अब उस संदर्भ में दिल्ली सरकार क्या कर रही है यह भी एक बड़ा सवाल है।   

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