Delhi Crime: लूट के पैसे के बंटवारे को लेकर अपने ही सरगना का अपहरण कर हत्‍या, 50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 12, 2022, 02:30 PM IST

Delhi Crime: गिरफ्तार बदमाश कुलदीप उर्फ काले और इसके भाई दीपक ने अपने ही गिरोह के सरगना कुख्यात गैंगस्टर समुंदर दहिया का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में दीपक पकड़ा गया और उसे उम्रकैद की सजा भी हुई है। लेकिन, काले फरार चल रहा था। अदालत से भगोड़ा घोषित इस अपराधी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।

Delhi Crime: लूट के पैसे के बंटवारे को लेकर अपने ही सरगना का अपहरण कर हत्‍या, 50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार
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Delhi Crime: लूट और रंगदारी के पैसे के बंटवारे को लेकर अपने ही गिरोह के सरगना की हत्‍या करने वाले इनामी बदमाश कुलदीप उर्फ काले को क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी को पुलिस ने गुप्‍त सूचना के आधार पर नजफगढ़ इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस बदमाश और इसके भाई दीपक ने वर्ष 2014 में अपने गिरोह के सरगना कुख्यात गैंगस्टर समुंदर दहिया का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में दीपक पकड़ा गया और उसे उम्रकैद की सजा भी हुई है। लेकिन, काले फरार चल रहा था। अदालत से भगोड़ा घोषित इस अपराधी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।

डीसीपी रोहित मीणा ने बताया कि कुलदीप उर्फ काले हरियाणा के सोनीपत जिले के गोपालपुर गांव का रहने वाला है। इस बदमाश पर गैंगस्टर समुंदर दहिया की हत्या, अपहरण, लूटपाट का मुकदमा 10 जुलाई 2014 को मंगोलपुरी थाने में दर्ज किया था। यह और इसका भाई दीपक गैंगस्टर समुंदर दहिया के गिरोह के सदस्य थे और लंबे समय तक उसके साथ मिलकर कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था। मृतक समुंदर पर हत्या, जबरन वसूली और हत्या का प्रयास समेत करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज थे।

चेहरा कुचल शव फेंक दिया था कुएं में

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह को वर्ष 2014 में लूट और रंगदारी से लाखों रुपये मिले थे। इस रकम के बंटवारे के लिए इन बदमाशों का आपस में झगड़ा हो गया। जिसके बाद दीपक और काले ने अपने गिरोह के सरगना समुंदर का अपहरण कर वे उसे अपने साथ सोपत ले गए। वहां पर पहले गला रेत हत्‍या की और फिर ईंट से चेहरा कुचल कर शव को मदीना स्थित एक कुएं में फेंक दिया। साथ ही उसकी सोने की चेन, लाकेट और कार को लूट लिया। लूटी गई कार को असम में बेचा गया था। इस मामले में अदालत ने दीपक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, वहीं तभी से फरार चल रहे काले को अदालत ने 15 दिसंबर 2014 में भगोड़ा घोषित कर दिया था।

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