New Excise Policy: Manish Sisodia बोले- LG के फैसले से सरकार और दुकानों को हुआ नुकसान, होनी चाहिए CBI जांच

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 6, 2022, 01:03 PM IST

Manish Sisodia on Liquor Policy : सिसोदिया ने कहा कि 17 नवंबर से नई एक्साइज पॉलिसी लागू हो जानी थी, लेकिन 15 नवंबर को ही एलजी में अचानक अपना स्टैंड बदल दिया और नई शर्त लगा दी कि अनधिकृत कॉलोनी में शराब की दुकान खोलने के लिए डीडीए और दिल्ली नगर निगम की मंजूरी जरूरी है।

New Excise Policy: Manish Sisodia बोले- LG के फैसले से सरकार और दुकानों को हुआ नुकसान, होनी चाहिए CBI जांच

New Liquor Policy : Delhi के deputy CM Manish Sisiodia ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर New Excise Policy को लेकर बयान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि नई शराब नीति के अंतर्गत दिल्ली में नई शराब की दुकान नहीं खुलेंगी, साथ ही साथ बताया कि Policy को पास करने से पहले Delhi के LG ने ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे जिनको इसमें शामिल किया गया था। सिसोदिया ने कहा कि किस तरीके से दिल्ली की नई एक्साइज पालिसी 2021-22 को  ठीक तरीके से लागू होने से रोक कर किस तरह से कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया इसकी शिकायत मैंने सीबीआई को की है।

एलजी ने दी थी मंजूरी

सिसोदिया ने कहा, 'जो नई एक्साइज पॉलिसी मई 2021 में पास की गई उसमे तय किया गया कि हर इलाके में बराबर रूप से शराब की दुकानें होंगी, जबकि पहले एक जगह पर 20 दुकानें तक भी थी जबकि कुछ जगहों पर बिल्कुल नहीं थी। नई एक्साइज पॉलिसी को तब के एलजी साहब के पास गई उन्होंने बहुत ध्यान से पढ़ा। पॉलिसी में साफ लिखा था कि मौजूदा 849 से ज्यादा नहीं हो सकती, और पूरी दिल्ली में हर इलाके में दुकान समान रूप से होंगी। अनधिकृत कॉलोनी में भी दुकान होंगे। एलजी साहब ने इसको पूरा पढ़कर मंजूरी दी।'

हुआ नुकसान

 उपराज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए सिसोदिया ने कहा, 'पॉलिसी तो एलजी साहब ने मंजूर कर दी, कोई आपत्ति नहीं की, जब दुकानें खोलने की फाइल एलजी साहब के पास पहुंची तो एलजी ऑफिस में अपना स्टैंड बदल दिया। नवंबर के पहले हफ्ते में दुकानें खोलने का प्रस्ताव एलजी साहब के पास पहुंचा। नवंबर में उन्होंने नई शर्त लगा दी कि अनधिकृत कॉलोनी में दुकान खोलने के लिए DDA, MCD की मंजूरी लेनी होगी। जबकि पहले ऐसा नहीं होता था बस एलजी हाउस से मंजूरी चाहिए होते थे। इसकी वजह से लाइसेंस लेने वालों को बहुत नुकसान हुआ, बहुत को नुकसान हुआ क्योंकि एलजी साहब ने निर्णय बदला। इसके बाद लाइसेंस धारक कोर्ट पहुंच गए क्योंकि उनकी दुकान ही नहीं खुल पाई जबकि कुछ दुकानदारों को बहुत फायदा हो गया क्योंकि बहुत सी दुकान खुली ही नहीं।'

सीबीआई जांच हो

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, 'एलजी के स्टैंड बदलने से सरकार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और 48 घंटे पहले फ़ैसला बदला गया। मेरे ख्याल से LG के स्टैंड बदलने से करीब 300 से 350 दुकान नहीं खुल पाई। मेरा सवाल है LG ने 48 घंटे पहले अनधिकृत कॉलोनी में दुकान खोलने को लेकर स्टैंड बदला वो क्यों बदला और किसके कहने पर बदला इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। इसके बारे में मैंने सीबीआई को लिख दिया है। उपराज्यपाल ने किसके दबाव में यह फैसला लिया। उपराज्यपाल के अचानक निर्णय बदलने से दिल्ली सरकार को हजारों करोड रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।'

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