क्राइम

दूल्हे की मां से लेना था बदला, इसलिए प्रोफेसर ने शादी में भेज दिया 'गिफ्ट' बम, 2 की मौत; अब हुई आजीवन कारावास

आरोपी प्रोफेसर, दूल्हे की मां का सहकर्मी था। दूल्हे की मां के प्राचार्य बनने से आरोपी नाराज था और उसने इसी का बदला लेने के लिए पार्सल बम भेजा था। जिसमें दूल्हे की मौत हो गई थी।

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शादी के गिफ्ट में बम भेजने वाले को उम्रकैद की सजा (फोटो- Meta AI)

ओडिशा में एक शख्स ने दूल्हे की मां से बदला लेने के लिए शादी की गिफ्ट में बम भेज दिया। बम का धमाका इतना तेज था कि दूल्हा समेत दो लोगों की मौत हो गई। इस मामले में कोर्ट ने अब आरोपी प्रोफेसर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

दूल्हे की मां से रंजिश

पुलिस ने बताया कि ज्योति विकास कॉलेज में प्रोफेसर पुंजीलाल मेहर की दूल्हे की मां से रंजिश थी और इस कॉलेज में वह प्राचार्य के पद पर कार्यरत थीं। पुंजीलाल कुछ दिनों तक कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य थे, उसके बाद दूल्हे की मां संजुक्ता साहू वहां नयी प्राचार्य बनीं। इसने बताया कि इस कारण से पुंजीलाल ने उनके बेटे सौम्य की हत्या की साजिश रची और 2018 में शादी के उपहार के रूप में बम भेजा।

62 गवाह किए गए पेश

सरकारी वकील चितरंजन कानूनगो ने बताया कि पटनागढ़ में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) सोनाली पटनायक की अदालत ने मामले में आरोपी मेहर (56) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धाराओं 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और 201 (अपराध के साक्ष्य नष्ट करना) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं तीन और चार के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने दो धाराओं के तहत आजीवन कारावास, दो आरोपों के तहत 10 साल कैद और एक अन्य आरोप के तहत सात साल कैद की सजा सुनाई। कानूनगो ने कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने अदालत में 62 गवाहों और 100 दस्तावेजी साक्ष्यों को पेश किया। अदालत ने दोषी पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कानूनगो ने अदालत के बाहर मीडियाकर्मियों को बताया कि उसे जीवनभर सलाखों के पीछे रहना होगा। सरकारी वकील ने कहा, ‘‘हमारा कहना था कि इसे दुर्लभतम मामलों में से एक माना जाए। हालांकि, अदालत ने इसे दुर्लभतम मामलों में से एक नहीं माना, क्योंकि सभी जघन्य अपराध के मामलों को इस तरह नहीं माना जा सकता।’’

कैसे पकड़ा गया बम भेजने वाला प्रोफेसर

वर्ष 2018 में मामले की जांच के समय अपराध शाखा की अगुआई करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अरुण बोथरा ने कहा कि जब हमने मामला अपने हाथ में लिया, तो कोई सबूत नहीं था, कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, जांच को आगे बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं था। पुंजीलाल मेहर पर कोई संदेह नहीं था। बोथरा ने बताया कि अपराध शाखा को पुंजीलाल द्वारा बलांगीर के एसपी को भेजे गए गुमनाम पत्र से सुराग मिले। बोथरा ने मीडियाकर्मियों से कहा- ‘‘हमने पुंजीलाल मेहर के कब्जे से पत्र का कवर, पत्र की प्रति, उसे छापने के लिए इस्तेमाल किया गया प्रिंटर और पत्र को सील करने के लिए इस्तेमाल किया गया चिपकने वाला पदार्थ जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। सभी का वैज्ञानिक रूप से मिलान किया गया और उन्हें प्रमाणित किया गया।’’

इंटरनेट से सीखा था बम बनाना

उन्होंने बताया कि बाद में आरोपी ने पुलिस के सामने पूरी घटना के बारे में बताया और बम बनाने की प्रक्रिया भी दिखाई। पुंजीलाल ने स्वीकार किया कि उसने पार्सल बम बनाने की प्रक्रिया इंटरनेट पर वीडियो से सीखी थी। जांच एजेंसी के अनुसार, पार्सल बम उपहार स्वरूप साहू परिवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर से पटनागढ़ भेजा गया था, जो बोलंगीर से लगभग 230 किलोमीटर दूर है। पुलिस ने बताया कि पुंजीलाल ने रायपुर की एक कूरियर एजेंसी से एसके शर्मा/सिन्हा जैसे किसी दूसरे नाम से पार्सल भेजा था। इसने बताया कि वहां सीसीटीवी की सुविधा नहीं थी और पकड़े जाने से बचने के लिए उसने ऐसा किया। पुलिस ने बताया कि उसने बहुत ही चालाकी से काम किया और उस पर संदेह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी।

दूल्हे के पिता रवींद्र साहू ने कहा, ‘‘हमें अपूरणीय क्षति हुई है। हम मौत की सजा का अनुरोध कर रहे थे। फिर भी, हम अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं।’’ पीड़िता की मां संजुक्ता साहू ने भी अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त किया और पुंजीलाल की तुलना एक राक्षस से की।

गिफ्ट खोलते ही फट गया था बम

सॉफ्टवेयर इंजीनियर सौम्य शेखर साहू, जो 2018 में 26 वर्ष के थे, और उनकी 85 वर्षीय दादी जेमामणि साहू विस्फोट में मारे गए। सौम्य की पत्नी सीमा साहू, 23 फरवरी, 2018 को बलांगीर जिले के पटनागढ़ स्थित उनके घर में शादी के उपहार के रूप में रखे गए पार्सल बम में विस्फोट होने से गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। विस्फोट उस समय हुआ था जब दूल्हे ने उपहार खोला। नवविवाहिता और उसके परिवार के अनुरोध के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपराध शाखा को घटना की जांच करने का आदेश दिया था। अपराध शाखा ने 23 मार्च, 2018 को जांच अपने हाथ में ली और अप्रैल 2018 में मेहर को गिरफ्तार कर लिया गया। वह फिलहाल पटनागढ़ की उप-जेल में बंद है। जांच एजेंसी ने कहा कि इस अपराध को बदला लेने की मंशा के तहत अंजाम दिया गया था।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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