Porsche car crash Update: पुणे के पोर्श कार दुर्घटना मामले में नया मोड़ आ गया है। दुर्घटना के आरोपी नाबालिग लड़के और उसके पिता ने दावा किया है कि दुर्घटना के समय कार उनका ड्राइवर चला रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक हादसे के समय में कार में मौजूद नाबालिग के दोनों दोस्तों ने उनके इस दावे का समर्थन किया है। बता दें कि नाबालिग आरोपी रियल एस्टेट डेवलेपर का बेटा है। शराब के नशे में 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी ने रविवार तड़के पोर्शे कार से मोटरसाइकल को रौंद दिया था। इस हादसे में दो इंजीनियरों को रौंद दिया था।
ड्राइवर ने भी हां में हां मिलाया
रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग लड़के के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि जिस समय हादसा हुआ उस समय घरेलू ड्राइवर कार चला रहा था। ड्राइवर ने भी यह बात कबूल कर ली है। पुलिस की पूछताछ में ड्राइवर ने अपने पहले बयान में कहा कि वह हादसे के वक्त पोर्श कार चला रहा था। नाबालिग लड़का अपने दोस्तों के साथ शराब के नशे में कार चला रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई।
पुलिस ने केस को हल्के में लिया
शुरुआत में पुणे पुलिस ने जिस तरह से इस केस को लिया, इससे उसकी काफी आलोचना हो रही है। सड़क हादसे में दो युवकों की जान जाने के मामले में उसे आईपीसी की सख्त प्रावधानों में केस दर्ज करना चाहिए था लेकिन उसने आरोपी नाबालिग को निबंध लिखने और 15 दिनों तक सामाजिक कार्य करने की शर्त पर छोड़ दिया। यह हादसा रात के करीब 2.30 बजे हुआ और इस हादसे के तुरंत बाद वहां लोगों ने नाबालिग लड़को को पकड़ भी लिया, फिर भी उसका ब्लड टेस्ट आठ घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद कराया गया। इस पर भी पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस हिरासत में पिता, निगरानी केंद्र में आरोपी
मीडिया में मामला सामने आने के बाद देश भर में उभरे आक्रोश के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। 17 वर्षीय किशोर को तुरंत जमानत दिए जाने को लेकर हुए हंगामे के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने बुधवार को उसे पांच जून तक के लिए निगरानी केंद्र में भेज दिया। वहीं, सत्र अदालत ने पेशे से रियल एस्टेट डेवलपर उसके पिता को पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने कहा कि बोर्ड ने नाबालिग को तीन दिन पहले दी गई जमानत बुधवार शाम को रद्द कर दी जबकि उसके वकील ने दावा किया कि जमानत रद्द नहीं हुई है।
