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पुणे पोर्श हादसा: क्या नाबालिग आरोपी ने शराब के साथ ड्रग्स भी ली थी? जांच में जुटी पुलिस

पुणे के कल्याणी नगर इलाके में सुपरस्पीड कार दुर्घटना में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मौत की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। अब इसमें ड्रग्स एंगल भी जुड़ रहा है।

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पुणे कार एक्सीडेंट

Pune Porsche Accident: क्या पुणे पोर्श एक्सीडेंट मामले का ड्रग्स कनेक्शन भी है? पुणे पुलिस ने अब इस मामले में ड्रग्स एंगल पर भी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पुणे पुलिस ने इस मामले में ड्रग्स एंगल की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस को शक है कि आरोपी ने शनिवार और रविवार की रात पार्टी के दौरान अपने दोस्तों संग शराब के साथ ड्रग्स का सेवन भी किया था।

शराब के अलावा ड्रग्स लेने का भी शक

पुलिस इस बात से वाकिफ है कि पुणे के पब्स और क्लब की पार्टियों में वीड (गांजा) और चरस मिलना मुश्किल नहीं है। पार्टी में शामिल होने वाले ज्यादातर युवा इसे एक रोलिंग पेपर की मदद से सिगरेट नुमा सुट्टा बनाकर फूंकते हैं। ऐसे में पुलिस को शक है कि हादसे के दौरान आरोपी शराब के अलावा ड्रग्स के नशे में भी हो सकता है जिसके चलते उसे लग्जरी कार के नियंत्रण के बाहर होने का होश तक नहीं था।

नाबालिग आरोपी ने पार्टी के दौरान ड्रग्स का सेवन किया या नहीं इसके लिए फॉरेंसिक लैब में भेजे गए ब्लड सैंपल के नतीजों का इंतजार कर रही है। वहीं, पुलिस पब के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है।

बिना रजिस्ट्रेशन की कार से हादसा

बता दें कि पुणे के कल्याणी नगर इलाके में सुपरस्पीड कार दुर्घटना में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मौत की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जिस पोर्शे को 17 साल का लड़का बेलगाम चला रहा था, वह मार्च से बिना पंजीकरण के शहर की सड़कों पर दौड़ रही थी। कार मालिक ने भारत में 1.61 करोड़ रुपये से 2.44 करोड़ रुपये के बीच इलेक्ट्रिक लक्जरी स्पोर्ट्स सेडान खरीदी थी, लेकिन क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को पंजीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किया था।

मामूली शर्तों के साथ आरोपी रिहा, फिर हंगामा

दो लोगों को कुचलने के आरोपी लड़के को सड़क दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखने जैसी शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया गया था। किशोर न्याय बोर्ड के इस फैसले की कड़ी आलोचना हुई है। इसके बाद पुलिस ने दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद नाबालिग पर दोबारा सुनवाई हुई। उसे 5 जून तक रिमांड होम भेजा गया है। साथ ही अब किशोर न्याय बोर्ड में इस बात पर सुनवाई हो रही है कि क्या उस पर बालिग आरोपी की तरह मुकदमा चलाया जाए। वहीं, उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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