क्राइम

बिहार की यही सच्चाई है...इंजन-पुल के बाद अब मोबाइल टावर को ही चोरों ने गायब कर दिया

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 28, 2022, 08:27 AM IST

बिहार में कभी रेल का इंजन चोरी हो जाता है तो कभी पुल। पहले ही इन चोरियों को लेकर पुलिस निशाने पर है, अब चोरों का एक और कारनामा सामने आया है। यहां चोरों ने एक मोबाइल कंंपनी के टावर को ही चुरा लिया है। इस मामले में पुलिस अब चोरों की तलाश में जुटी है।

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बिहार में मोबाइल टावर की चोरी

Photo : BCCL

मानिए या न मानिए बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है...यही सच्चाई है। बिहार में कभी रेलवे का इंजन गायब हो जाता है तो कभी पुल और तो और राज्य में अब मोबाइल टावर भी सुरक्षित नहीं है, वो भी पटना में ही। चोरों ने एक मोबाइल टावर को चुरा लिया है।

बताया अधिकारी

पटना में चोरों ने खुद को मोबाइल कंपनी का अधिकारी बताकर 19 लाख रुपये का पूरा मोबाइल टावर चुरा लिया। चोर अधिकारी बनकर आए थे। जिसकी जमीन पर टावर लगा था, उसे कहा कि कंपनी बंद हो गई है, इसलिए टावर हटा रहे हैं।

तीन दिन में टावर गायब

जमीन के मालिक ने बताया कि करीब 15-16 साल पहले टावर लगाया गया था। उन्होंने कहा कि दोषियों ने उन्हें बताया कि अब करार समाप्त हो गया है, इसलिए वो लोग टावर को ले जाने के लिए आए हैं। जमीन मालिक को लगा कि कंपनी के अधिकारी हैं, सही ही कह रहे होंगे। मालिक चुप रहा और चोर दो-तीन दिन में इसे काट कर ले गए।

जब पहुंचे असली अधिकारी

जिस कंपनी का टावर लगा थी, उसे इसकी जानकारी तब हुई जब टावर ने काम करने बंद कर दिया। अब जब टावर चोर लेकर चले गए थे, तब वो काम कैसे करता। कंपनी को लगा कि टावर में कुछ खराबी आ गई है, उसके अधिकारी जब टावर को ठीक करने पहुंचे तो वहां से टावर को ही गायब पाया। जिसके बाद उन्होंने जमीन के मालिक से पूछा तो चोरी की घटना सबके सामने आई।

जांच जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पटना के गर्दनीबाग थाने के यारपुर राजपूताना इलाके की है। गर्दनीबाग थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार करीब 25 चोरों का गिरोह गैस कटर से लैस होकर टावर को गिराने के लिए मौके पर पहुंचा था। इनका पता लगाने के लिए छापेमारी की जा रही है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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