Muzaffarnagar Crime: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई है। यहां तंबाकू को लेकर हुए पुलिसकर्मी और शिक्षक के बीच बहस और विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मी ने शिक्षक को गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर से गुस्साए अन्य कॉलेज के शिक्षकों ने सड़क जाम कर धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया और बोर्ड परिक्षा मे मूल्यांकन डयूटी करने से भी मना कर दिया।
यह घटना जिले के सिविल लाइन क्षेत्र की है। पीटीआई के अनुसार एसपी सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि शिक्षक धर्मेंद्र कुमार शिक्षा विभाग की एक टीम के साथ वाराणसी से यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियां लेकर स्थानीय एसडी इंटर कॉलेज लेकर आए थे। एसपी ने आगे बताया कि इस टीम में एक और शिक्षक, चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारी और पुलिकर्मी शामिल थे।
तंबाकू ने ले ली शिक्षक की जान
प्रदर्शनकारी शिक्षकों के मुताबिक रविवार की रात जब शिक्षक और पुलिस कर्मी गाड़ी में कालेज का गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे, इसी दौरान पुलिसकर्मी ने शिक्षक से तंबाकू दिलाने की मांग की। तंबाकू दिलाने से मना करने पर शिक्षक और पुलिकर्मी के बीच बहस होने लगी। यह बहस इतनी बढ़ गई की कॉन्स्टेबल चंदेर प्रकाश ने शिक्षक पर अपनी पिस्टल से हमला कर दिया। शिक्षकों का आरोप है कि कॉन्स्टेबल शराब के नशे में था।
शिक्षकों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया
गोली लगने के तुरंत बाद शिक्षक को जिला अस्पताल पहुचाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले से गुस्साए कॉलेज के सभी शिक्षकों ने सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके साथ ही राज्य सरकार से मृतक के परिवार को 10 करोड़ रुपयों के साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी मांग की।
पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी देने की मांग
गुस्साए शिक्षकों ने यह तक कहा कि धरना तब तक चलेगा जब तक मामले में सख्त कार्रवाई कर कोई निर्णय नहीं लिया जाता एवं उनकी मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन की तरफ से लिखित में आश्वासन नहीं मिलता। एसपी ने बताया की मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपी कॉन्स्टेबल की गिरफ्तारी हुई है और उससे पूछताछ चल रही है।
