Lockdown के बीच गाय की शव यात्रा निकाली, 150 लोगों पर दर्ज हुई FIR

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 23, 2020, 01:59 PM IST

Procession to bury cow carcass: लॉकडाउन के दौरान गाय की शव यात्रा निकालने पर 150 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

Lockdown के बीच गाय की शव यात्रा निकाली, 150 लोगों पर दर्ज हुई FIR
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: लॉकडाउन में बड़ी तादाद में लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पाबंदी है। साथ ही सरकार ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की हिदायत दी है। लेकिन देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां लोगों ने गाय की शवयात्रा निकालकर लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उठा दी। घटना जवां थाना क्षेत्र के मैमड़ी गांव की है। मामले के पता चलता ही पुलिस सतर्क हो गई और करीब 150 लोगों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली। गाय की शव यात्रा में तकरीबन 100 महिलाएं और 50 पुरुष शामिल हुए। 

पुलिस को देखकर भाग गए ग्रामीण

मैमड़ी गांव निवासी दिनेश चंद्र शर्मा की गाय की गुरुवार को मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने गाय के अंतिम संस्कार की योजना बनाई। गांव वालों ने निर्णय किया कि शव यात्रा निकाली जाए।  शव यात्रा में लगभग 150 लोग शामिल हुए। गांव के ही किसी शख्स ने लॉकडाउन में गाय की शव यात्रा निकालने की सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस को देख शव यात्रा में शामिल लोगों भा गए। इसके बाद पुलिस ने गाय का शव जेसीबी मंगाकर दफन करा दिया। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीओ सिविल लाइंस अनिल समानिया ने बताया कि करीब 150 लोगों पर इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। 

यूपी में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीज

उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रदेश में संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 5,700 के पार चल गई है। वहीं, राज्य में अब तक इस खतरनाक वायरस के कारण 153 लोगों अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने का आंकड़ा बढ़कर 3,324 तक पहुंच गया है। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि ऐसा देखा जा रहा है कि प्रवासी मजदूरों में संक्रमण का प्रतिशत काफी अधिक है इसलिये सरकार ने उनसे घर पर पृथक रहने संबंधी नियम का कठोरता से पालन करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में गठित निगरानी समितियों को सक्रिय रखे जाने को कहा गया है।

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