IPL 2020: जानिए क्या है 'बायो बबल', आईपीएल में ये खिलाड़ियों को कैसे बचाएगा और क्या हैं मुश्किलें

What is Bio Bubble, IPL 2020 : आईपीएल इस बार महामारी के बीच यूएई में कराने की तैयारी है। ऐसे में खिलाड़ियों को बायो बबल में रखा जाएगा। क्या है इसका मतलब और इससे जुड़ी दिक्कतें।

What is Bio Bubble, IPL 2020 in UAE
What is Bio Bubble, IPL 2020 in UAE, क्या है बायो बबल  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • आईपीएल 2020, यूएई में होगा इंडियन प्रीमियर लीग
  • सरकार की इजाजत के बाद जारी होगी आगे की रणनीति
  • क्या है खिलाड़ियों को सुरक्षित रखने वाला 'बायो बबल' और इससे जुड़ी समस्याएं

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप स्थगित होने के बाद आईपीएल 2020 का रास्ता साफ हो गया था। बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग उसके तुरंत बाद से अपने काम में लग गया और इतना तो साफ हो ही गया कि आईपीएल का आयोजन सितंबर-नवंबर के बीच होगा और इसका आयोजन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होगा। अब जब कोरोनावायरस महामारी का प्रकोप अब भी जारी है तो कैसे इतने बड़े टूर्नामेंट का आयोजन हो सकेगा जिसमें दुनिया भर से खिलाड़ी आते हैं। इसका जवाब है- बायो बबल। आखिर क्या है 'बायो बबल' और क्या हैं इससे जुड़ी समस्याएं जो सामने आने वाली हैं, आइए जानते हैं।

बीसीसीआई आईपीएल की सभी आठों फ्रेंचाइजी को विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया देगा लेकिन सभी संबंधित पक्ष कुछ सवालों के आने वाले दिनों में जवाब चाहते हैं। समझा जाता है कि सभी फ्रेंचाइजी अपनी-अपनी विशेषों की टीमें अमीरात भेजना शुरू करेंगी ताकि सुविधाओं का जायजा ले सकें और ये पता चल सके कि किस तरह का 'बायो बबल' तैयार किया जा सकता है। 

क्या है बायो बबल: What is Bio Bubble?

'बायो बबल' या जैविक सुरक्षित वातावरण एक ऐसा माहौल या स्थिति को तैयार करना है जहां खिलाड़ियों व टूर्नामेंट से जुड़े लोगों का बाहरी कनेक्शन पूरी तरह टूट जाए। वहां सब कुछ स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (एसओपी) के नियमों के तहत होगा। सभी खिलाड़ियों को इसके नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। वो टूर्नामेंट के समय तक बाहरी दुनिया से शारीरिक तौर पर पूरी तरह से कट जाएंगे। उन्हें उस जैविक सुरक्षित माहौल से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। ये एक बुलबुले जैसा होगा जहां टूर्नामेंट खत्म होने तक खिलाड़ियों को काफी संयमित ढंग से रहना होगा।

कई मुश्किलें हैं- पत्नी या गर्लफ्रेंड से जुड़ा सवाल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को कुछ सवालों के जवाब एसओपी में देने होंगे। इनमें सबसे पहला सवाल खिलाड़ियों के परिवार को लेकर है। एक फ्रेंचाइजी के आला अधिकारी ने कहा कि दो महीने के लिये खिलाड़ियेां को उनकी पत्नियों या परिवार से दूर रखना गलत होगा। उन्होंने कहा, ‘सामान्य समय पर पत्नियां या गर्लफ्रेंड खिलाड़ियों के साथ आ सकती हैं लेकिन अभी हालात अलग हैं। यदि परिवार भी साथ जाता है तो वो होटल के कमरे में रहेगा या सामान्य तौर पर आ जा सकेगा।'

खिलाड़ियों के छोटे बच्चे

फ्रेंचाइजी के इस अधिकारी ने कहा, ‘कुछ खिलाड़ियों के छोटे बच्चे भी हैं तो उन्हें दो महीने तक कमरे में कैसे रखेंगे।’ आम तौर पर क्रिकेट टीमें पांच सितारा होटलों में रुकती है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में ऐसा इंतजाम कर पाना मुश्किल होगा जहां खिलाड़ियों के अलावा आम अतिथि होटल में नहीं आ सकें।

सबकी स्थिति मुंबई इंडियंस जैसी नहीं

अधिकारी ने कहा, ‘हर टीम मुंबई इंडियंस का मुकाबला नहीं कर सकती। उनके पास निजी जेट है और अपने सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल से वे डॉक्टर भी ले जा सकते हैं। पूरा पांच सितारा होटल किराये पर ले सकते हैं लेकिन बाकियों को देखना होगा कि उनके लिये क्या सर्वश्रेष्ठ है। शायद बीच रिसॉर्ट।’

परिवहन की व्यवस्था और ड्राइवर्स की नियुक्ति भी चुनौती

इसके अलावा टीमों को एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के साथ मिलकर स्थानीय परिवहन की व्यवस्था भी करनी होगी। आम तौर पर ड्राइवर दिन भर के काम के बाद घर लौट जाते हैं लेकिन इन हालात में उन्हें दो महीने जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रुकना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति और हालातों में रहते हुए दो महीने तक खेलते रहना भी आसान नहीं होगा और परिवार से पूरी तरह से दूर रहना भी चुनौतीपूर्ण होगा, ऐसे में देखना ये होगा कि खिलाड़ी व फ्रेंचाइजी क्या इसके लिए तैयार हो पाते हैं।

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