सबसे बड़ा विवादः गुस्से में पंत ने बल्लेबाजों को मैदान से बाहर आने को कहा, मैच के बाद दिया ये बयान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 23, 2022, 07:07 AM IST

Rishabh Pant controversy against Rajasthan Royals: राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कांटे की टक्कर वाले आईपीएल 2022 के मैच के अंत में बहुत हंगामा हुआ। इस पूरे विवाद के मध्य में रहे दिल्ली के कप्तान रिषभ पंत। मैच के बाद पंत ने गलती भी मान ली।

सबसे बड़ा विवादः गुस्से में पंत ने बल्लेबाजों को मैदान से बाहर आने को कहा, मैच के बाद दिया ये बयान
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Angry Rishabh Pant controversy, DC vs RR, IPL 2022: आईपीएल चल रहा हो और कोई विवाद ना हो, भला ये कैसे हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से सब कुछ शांत चल रहा था लेकिन शुक्रवार रात राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए मुकाबले के बाद ये सिलसिला टूट गया। इस हाई-स्कोरिंग मैच के अंतिम क्षणों में एक नो-बॉल को लेकर ऐसा हंगामा खड़ा हुआ कि दिल्ली के कप्तान रिषभ पंत अपने बल्लेबाजों को मैदान से बाहर बुलाने लगे। मैच खत्म होने के बाद रिषभ ने अपनी गलती भी मानी।

आखिर क्यों हुआ हंगामा?

मामला मैच के अंतिम ओवर का है। दिल्ली कैपिटल्स ने 223 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लंबा सफर तय कर लिया था और उनको आखिरी 6 गेंदों में 36 रन चाहिए थे। तभी रोवमैन पॉवेल का बल्ला गरजा और पहली तीनों गेंदों पर उन्होंने छक्के जड़ दिए। अचानक से दिल्ली की उम्मीदें जाग गई थीं। वहीं जिस तीसरी गेंद पर पॉवेल ने छक्का जड़ा वो कमर के ऊपर नो-बॉल थी। बाहर बैठे दिल्ली कैपिटल्स के सदस्यों ने इसको लेकर विरोध किया लेकिन अंपायरों ने थर्ड अंपायर से दखल भी नहीं मांगा। इससे पंत इतना नाराज हुए कि उन्होंने अपने बल्लेबाजों को मैदान से बाहर आ जाने तक के लिए कह दिया।

रिषभ पंत ने ऐसी हरकत की तो बाउंड्री पर फील्डिंग कर रहे राजस्थान रॉयल्स के जोस बटलर ने भी उनकी बहस शुरू हो गई। लेकिन अंपायरों ने इस फैसले को कायम रखा और थर्ड अंपायर से भी पूछने का प्रयास नहीं किया। बेशक अधिकतर लोगों का ये मानना है कि वो एक नो-बॉल थी जिस पर दिल्ली को फ्री-हिट मिल सकती थी, लेकिन फिर भी रिषभ पंत की हरकत और गुस्से की चौतरफा आलोचना हो रही है।

'वो नो-बॉल चेक कर सकते थे'

मैच के बाद जब रिषभ पंत से इस बारे में सवाल हुआ तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वे पूरे मैच में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। पॉवेल ने हमारी जीत की उम्मीद जगाई। मेरे हिसाब से वो नो-बॉल हमारे लिए कीमती साबित हो सकती थी। मुझे लगता है कि हम उस नो-बॉल को चेक कर सकते थे (टीवी पर)। लेकिन ये मेरे कंट्रोल में नहीं है। हां, निराश हूं लेकिन ज्यादा कुछ नहीं कर सकता इसके बारे में।"

'हां, वो मेरी गलती थी'

पंत ने आगे कहा, "सभी नाराज थे इसलिए मेरा मानना यही था कि ये नो-बॉल है। मैदान पर सबने उसको देखा था। मुझे लगता है कि थर्ड अंपायर को दखल देकर उसे नो-बॉल देना चाहिए था। लेकिन शायद मैं नियम को नहीं बदल सकता।" जब पंत से ये पूछा गया कि क्या टीम प्रबंधन के सदस्य को बहस करने के लिए मैदान के अंदर भेजना सही फैसला था? इस पर पंत बोले, "हां वो सही नहीं था, लेकिन जो हमारे साथ हुआ वो भी सही नहीं था। उस समय गुस्से के पल में ऐसा हो गया (खिलाड़ियों को बाहर बुलाने की हरकत)।

शायद दोनों टीमों की गलती थी

रिषभ ने अंत में कहा, "इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि इसमें दोनों टीमों की गलती थी, सिर्फ हमारी नहीं, क्योंकि अब तक पूरे टूर्नामेंट में हमने अच्छी अंपायरिंग देखी है। मेरे हिसाब से वहां से चीजों को ठीक किया जा सकता था। जब आप इतने करीब आकर हारते हो तो ज्यादा दुख होता है। खासतौर पर उस मैच में जब विरोधी टीम ने 220 रन से ऊपर का लक्ष्य दिया हो। लेकिन शायद हमको भी अच्छी गेंदबाजी करनी चाहिए थी। मैं अपने साथियों को यही कह सकता हूं कि सिर ऊंचा रखो और अगले मैच की तैयारी करो।"

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