पैडल स्वीप शॉट: जब एक खिलाड़ी की भूल धोनी ब्रिगेड ने की वसूल, पाकिस्तान का ये 'जख्म' कभी नहीं भरेगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 22, 2021, 05:00 AM IST

Misbah-ul-Haq's paddle sweep in 2007 T20 World Cup: टी20 विश्व कप के पहले संस्करण के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टक्कर हुई थी। भारत ने तीन गेंद बाकी रहते जीत दर्ज की थी।

पैडल स्वीप शॉट: जब एक खिलाड़ी की भूल धोनी ब्रिगेड ने की वसूल, पाकिस्तान का ये 'जख्म' कभी नहीं भरेगा
Photo Credit: Twitter

भारत और पाकिस्तान ने राजनीतिक तनाव के कारण एक दशक से कोई द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली है। दोनों टीमें केवल आईसीसी टूर्नामेंट में ही टकराती हैं। ऐसे में क्रिकेट फैंस को भारत-पाकिस्तान मुकाबले का काफी बेसब्री से इंतजार रहता है। अब दोनों टीमों की टी20 विश्व कप 2021 में रविवार (24 अक्टूबर) को भिड़ंत होगी। इस महामुकाबले से पहले भारत और पाकिस्तान की आखिरी टक्कर साल 2019 के वनडे विश्व कप में हुई थी, जिसे विराट सेना ने अपने नाम किया था। 

जब मिस्बाह की भूल धोनी ब्रिगेड ने की वसूल

भारत और पाकिस्तान की टीम का जब भी टी20 विश्व कप में आमने-सामने होतीं है तो 2007 फाइनल का जिक्र जरूर होता है। इतना ही नहीं फाइनल में खेले गए पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज मिस्बाह-उल-हक के उस पैडल स्वीप शॉट की भी चर्चा होती है, जिससे पाकिस्तान को कभी ना भरना वाला 'जख्म' मिला। मिस्बाह की पैडल स्वीप खेलने की भूल को धोनी ब्रिगेड ने जबरदस्त अंदाज में वसूल किया था और टूर्नामेंट के पहले संस्करण के चैंपियन बनकर उभरे थे। भारत ने खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान को 5 रन से धूल चटाई थी।

पाक टीम को अंतिम ओवर में 13 रन चाहिए थे

साल 2007 के टी20 विश्व कप फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 157 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में पाकिस्तान ने निराशाजनक आगाज किया और फिर टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट खोए। एक समय पाक टीम 77 रन पर 6 विकेट गंवाकर जूझ रही थी, लेकिन मिस्बाह ने आखिर तक दूसरा छोर संभाले रखा। उन्होंने ना सिर्फ टीम को जल्द ढेर होने से बचाया बल्कि जीत की भी उम्मीद जगा दी।

जोगिंदर शर्मा की गेंद पर लपके गए मिस्बाह

पाकिस्ता को अंतिम ओवर में जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। क्रीज पर मिस्बाह थे और गेंदबाजी की जिम्मेदारी मीडियम पेसर जोगिंदर शर्मा को मिली। जोगिंदर ने ओवर की पहली गेंद वाइड फेंकी और फिर अगली गेंद पर कोई रन नहीं दिया। इसके बाद जोगिंदर ने जैसी ही दूसरी गेंद डाली तो मिस्बाह ने एक झन्नाटेदार छक्का जमा दिया। पाकिस्तान को चार गेंदों में महज 6 रन की दरकार थी पर मिस्बाह तीसरी गेंद पर अपना पसंदीदा पैडल स्वीप शॉट खेल बैठे। उन्होंने विकेट छोड़कर पीछे की दिशा में छक्का मारने की कोशिश में शॉर्ट फ़ाइन लेग में खड़े एस श्रीसंत को कैच थमा दिया। मिस्बाह के आउट होते ही पाकिस्तानी पारी 152 पर ढेर हो गई और भारत ने तीन गेंद रहते मैच और खिताब दोनों जीत लिए।

मिस्बाह ने पैडल स्वीप पर दी थी ये सफाई

मिस्बाह की भारत के खिलाफ फाइनल में पैड स्वीप शॉट खेलने को लेकर काफी आलोचना हुई थी। पूर्व बल्लेबाज ने पैडल स्वीप पर कुछ साल पहले सफाई देते हुए कहा था कि वह पहली बार इस शॉट पर चूके थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मैंने उस समय स्थिति का आकलन किया था। मैंने उस दबाव की स्थिति में अपना बेस्ट शॉट (पैडल स्वीप) चुना, क्योंकि मैं इसे लेकर बहुत आश्वस्त था। मैंने उस शॉट को पूरे विश्व कप में सफलतापूर्वक खेला था। मैंने टूर्नामेंट के फाइनल में पहली बार पैडल स्वीप शॉट पर चूका था। मैं संतुष्ट हूं कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ शॉट चुना जिसके बारे में मुझे पूरा भरोसा था। कभी-कभी ऐसा होता है कि आपके बेहतरीन शॉट का कोई फायदा नहीं होता।'

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!