'बेवकूफ नहीं हूं': आखिरकार वसीम अकरम ने किया खुलासा, बताया क्यों नहीं बनना चाहते पाकिस्तानी कोच

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 29, 2021, 07:40 AM IST

Wasim Akram reveals why he didn't become coach of Pakistan cricket team: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व महान तेज गेंदबाज व कप्तान वसीम अकरम ने आखिरकार उस सवाल का जवाब दिया है जो उनसे कई बार पूछा जा चुका है।

'बेवकूफ नहीं हूं': आखिरकार वसीम अकरम ने किया खुलासा, बताया क्यों नहीं बनना चाहते पाकिस्तानी कोच
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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का कोच पद हमेशा से ही सवालों में रहा है। कभी देसी कोच का साथ मिला और विवाद भी बना, तो कभी विदेशी कोच से जुड़े तमाम बवाल सामने आते रहे। कम ही ऐसे कोच रहे जिनका पाकिस्तानी टीम के साथ लंबा व सुखद सफर रहा हो या फिर वो विवादों से बच गए हों। पाकिस्तान के पास कई ऐसे पूर्व दिग्गज खिलाड़ी हैं जिन्हें वहां के लोग कोच की भूमिका में देखना चाहते हैं लेकिन ये दिग्गज कोचिंग से भागते नजर आए। वे पाकिस्तान क्रिकेट का भला तो चाहते हैं लेकिन कोच बनना नहीं चाहते। ऐसे ही एक पूर्व दिग्गज हैं वसीम अकरम।

वसीम अकरम ने आईपीएल में अपनी कोचिंग की सेवाएं खुशी-खुशी दी हैं, कई बार वो भारत की इस लीग से जुड़े रहे लेकिन कभी पाकिस्तानी टीम की मदद के लिए वो सक्रिय रूप से आगे नहीं आए। कई बार ये सवाल सामने आता रहा कि एक शानदार पूर्व ऑलराउंडर जो पाकिस्तानी टीम का सफल कप्तान भी रहा और जो कोचिंग में भी दिलचस्पी रखता है, वो वसीम अकरम पाकिस्तानी टीम के कोच क्यों नहीं बने?

200-250 दिन नहीं दे सकता

इस पूर्व महान तेज गेंदबाज ने आखिरकार इस सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने 'क्रिकेट पाकिस्तान' से बातचीत के दौरान इस सवाल का जवाब दिया। उन्होंने बताया है कि आखिर क्या है वो वजह कि वो अपने देश की टीम को सेवाएं नहीं देना चाहते। अकरम ने कहा, "सबसे पहली बात, कि आप अगर पाकिस्तान ही नहीं, किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ते हो तो आपको साल में कम से कम 200-250 दिन उनको देने ही होंगे। मुझे लगता है कि मैं इतना समय पाकिस्तान और अपने परिवार से दूर नहीं रह सकता। आम तौर पर जिन खिलाड़ियों को मुझसे मदद चाहिए होती है, वो मुझसे संपर्क करते हैं और मैं उनकी मदद कर देता हूं।"

'मैं बेवकूफी बर्दाश्त नहीं कर सकता'

इसके अलावा वसीम अकरम ने दूसरी वजह बताई कि वो उन चीजों को बर्दाश्त नहीं कर सकते जो पाकिस्तान क्रिकेट में कोच को लेकर होती हैं। अकरम ने कहा, "दूसरी बात, मैं मूर्ख नहीं हूं। मैं सोशल मीडिया जरूर देखता हूं और जिस तरह से कुछ खिलाड़ी अपने कोच और सीनियर्स का अपमान करते हैं। कोच को क्रिकेट नहीं खेलना है, वो खिलाड़ी हैं जिनको मैदान पर उतरकर खेलना होता है। कोच का काम सिर्फ प्लान बनाना होता है और ये पूरा उसका दोष नहीं होता जब टीम हारती है। मैं कोचों के खिलाफ बेवकूफी बर्दाश्त नहीं कर सकता।"

आमिर से भी दिखे नाराज

हाल ही में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था और उसके बाद उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट की खामियों पर भी सवाल उठाए थे। अकरम ने आमिर का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि उसने (आमिर) अपने रिटायरमेंट के बाद से कई बार पाकिस्तानी टीम प्रबंधन की आलोचना की है और वापसी करने की भी इच्छा जाहिर की अगर कोचों को बदल दिया जाए।

पूर्व खिलाड़ी मिस्बाह उल हक इस समय पाकिस्तानी टीम के मुख्य कोच हैं जबकि अकरम के पुराने साथी गेंदबाज वकार यूनिस टीम के गेंदबाजी कोच हैं। पाकिस्तान क्रिकेट टीम ना सही लेकिन वसीम अकरम पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में मौजूदा चैंपियंस कराची किंग्स को कोचिंग देना जारी रखेंगे।

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