जडेजा के चोटिल होने और 'कनकशन' विकल्प की बहस पर सहवाग ने दी अपनी बेबाक प्रतिक्रिया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 5, 2020, 07:20 AM IST

Virender Sehwag on concussion debate: भारत-ऑस्ट्रेलिया पहले वनडे मैच में रवींद्र जडेजा के सिर पर गेंद लगना, उनका बाहर बैठना और फिर कनकशन विकल्प के रूप में चहल का आना। इस बहस पर अब वीरेंद्र सहवाग भी बोले हैं।

जडेजा के चोटिल होने और 'कनकशन' विकल्प की बहस पर सहवाग ने दी अपनी बेबाक प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि भारतीय टीम रविंद्र जडेजा के कनकशन विकल्प को लेने में बिलकुल सही थी क्योंकि सिर की चोट से संबंधित लक्षण गेंद लगने के 24 घंटे बाद तक भी दिखायी दे सकते हैं। सहवाग ‘सोनी सिक्स’ पर एक विशेषज्ञ हैं, उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तरफ से यह फैसला सही था क्योंकि रविंद्र जडेजा खेलने के लिये फिट नहीं थे और वह गेंदबाजी भी नहीं कर सकते थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह मौका था जो भारतीय टीम को मिला क्योंकि उनके सिर पर गेंद लगी थी और जब आपके सिर पर गेंद लगती है तो कोई भी यह नहीं कह सकता कि कनकशन उसी समय होगा। इसमें समय लगता है। आपको लक्षण 24 घंटे के अंदर भी मिल सकते हैं। इसलिये भारतीय टीम ने नियम का सही फायदा लिया।’’

सहवाग ने कहा, ‘‘जब स्टीव स्मिथ को सिर पर गेंद लगी थी तो मार्नस लाबुशेन उनकी जगह बल्लेबाजी करने आये थे और उन्होंने रन बनाये थे। इसलिये आस्ट्रेलिया को भी यह फायदा मिला था। इसलिये मुझे लगता है कि आस्ट्रेलिया को शिकायत नहीं करनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनका तर्क भले ही यह हो कि जडेजा ने बल्लेबाजी करना जारी रखा और रन बनाये लेकिन जब आप अपना हेलमेट ड्रेसिंग रूम के अंदर हटाते हो तो आप सूजन देख सकते हो और आपको चक्कर भी आ सकते हैं। इसकी संभावना है।’’ सहवाग ने कहा, ‘‘मुझे कई बार गेंद हेलमेट पर लगी है इसलिये मैं जानता हूं कि यह कैसा लगता है लेकिन हमारे समय में इस तरह का कोई नियम नहीं था।’’

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