Holi 2024 Restrictions: होली पर्व के चंद दिन शेष हैं। इस त्योहार को लोग प्रत्येक राज्य में अपने-अपने अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं, लेकिन वाराणसी में होली मनाने का अंदाज सबसे जुदा है। जहां, मथुरा-वृंदावन में फूलों, लट्ठमार और लड्डुओं की होली खेली जाती है तो वहीं, काशी में चिता की राख से होली खेलने की अनोखी परंपरा है, जिसे मसाने की होली कहा जाता है। हालांकि, होली वाले दिन यहां के गंगा घाटों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों का जमावड़ा रहता है। रंगों से सराबोर लोग गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। लिहाजा, इस बार दिन में कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। जानिए हादसों की आशंका के चलते किन-किन चीजों पर रोक लगाई गई है।
डूबने की घटनाओं के चलते फैसला
दरअसल, होली के दिन रंगों से भीगे बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान हादसे की आशंका भी रहती है। लिहाजा, इसे रोकने के लिए इस बार होली की सुबह से नावों का संचालन पूर्णतया बंद रहेगा। हालांकि, शाम के वक्त नावों के संचालन की अनुमति दी जाएगी। जल पुलिस प्रभारी मिथिलेश यादव के मुताबिक, होली पर बड़ी संख्या में लोग गंगा पार स्नान करने जाते हैं। सबसे अधिक भीड़ दशाश्वमेध, अस्सी और तुलसी घाट पर होती है। पिछले साल को छोड़ दें तो लगभग हर साल लोगों के डूबने की घटनाएं हुईं हैं। इस बार ऐसा न हो इसके लिए तैयारी की गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग करा दी गई है। होली के दिन दशाश्वमेध और तुलसी घाट पर पांच से छह की संख्या में जवानों को तैनात किया जाएगा।
इन घाटों पर रहेगी चौकसी
पीएसी के जवान गंगा में गश्त करते नजर आएंगे। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीमें बोट के साथ मौजूद रहेंगी। वाटर एंबुलेंस भी उनके साथ रहेगी। होली पर दिन में नौका संचालन बंद रहेगी और नाविकों को शाम को नौका संचालन की अनुमति दी जाएगी। इस संबंध में जल्द ही एक बैठक नाविकों के साथ की जाएगी। उन्हें नियमों के पालन का निर्देश दिया जाएगा। होलिका दहन पर भी रात में दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर भारी भीड़ रहती है। लगभग 20 हजार लोगों की भीड़ दशाश्वमेध घाट पर मौजूद रहती है।
