गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की इंट्री बैन करने की मुहिम तेज हो गई है। धर्मनगरी वाराणसी में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने के लिए काशी में खास इंतजाम किए गए हैं। पंडाल के इंट्री प्वाइंट पर पूरी चेकिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। लोगों के माथे पर टीका लगाया जा रहा है। उनका पहचान पत्र देखा जा रहा है। नाम, फोन नंबर के साथ गोत्र का पूरा विवरण देने के बाद ही पंडाल में अंदर जाने की इजाजत दी जा रही है।
काशी के संतों ने की थी अपील
काशी के संतों ने अपीलंकी थी कि गर्भ पंडालों में गैर हिंदुओं और विधर्मियों को इंट्री ना दी जाए। पंडालों में जाने वालों की पहचान करने के बाद ही उन्हें अंदर दाखिल होने इजाजत दी जाए। इस अपील के बाद काशी के कई गरबा पंडालों में खास इंतजाम किए गए थे। नाटीइमली इलाके में गरबा पंडाल के प्रवेश द्वार पर आयोजन समिति से जुड़े लोग मुस्तैद दिखे। पंडाल में आने जाने वालों पर गहरी नजर रखी जा रही थी। लोगों को ना सिर्फ अपना नाम, फोन नंबर बल्कि गोत्र तक का विवरण पूछा जा रहा था।
....ताकि बेटियां रहे महफूज
आयोजनकर्ताओं का कहना है कि पंडालों के अंदर अवांछनीय तत्व ना घुसे। बेटियां किसी तरह की साजिश का शिकार ना हो। इसके लिए एहतिहाती तौर पर ये कदम उठाए गए हैं। उनका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। लेकिन मौजूदा हालत को देखते हुए पंडाल में कड़ाई की जा रही है।
दरअसल हाल के सालों में गरबा पंडालों ने अंदर महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं सामने आ रही थी। कई राज्यों में दूसरे धर्म के लोग पंडाल के अंदर महिलाओं और लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बना रहे थे। ऐसे में गरबा पंडालों के अंदर गैर हिंदुओं के इंट्री पर बैन लगाने की मांग उठ रही थी। संत समाज ने भी लोगों से अपील की थी।
