Varanasi Ganga Boat Party: धार्मिक नगरी काशी में मोक्षदायिनी गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर बियर और मांसाहारी (नॉन-वेज) पार्टी करने के सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तुरंत एक्शन में आई वाराणसी पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिन्हें अब कड़े मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
₹20-20 हजार के निजी मुचलके पर रिहाई
बचाव पक्ष के अधिवक्ता (वकील) विकास सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट एवं सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20 हजार रुपये की दो-दो जमानतें और व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया, जिसके बाद मंगलवार को सभी आरोपी जेल से बाहर आ गए। जमानत पाने वालों में मुख्य रूप से रामनगर के सूजाबाद और डोमरी इलाके के रहने वाले दीपक कुमार, नाविक अजय साहनी, अरुण कुमार, अनुराग निषाद और राहुल सहनी शामिल हैं।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा विवाद सोमवार (22 जून) शाम को तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। इस वीडियो में कुछ युवक गंगा नदी की धारा के बीच एक चलती नाव पर सरेआम बियर (शराब) के कैन खोलते और मांसाहारी भोजन का आनंद लेते नजर आ रहे थे। चूंकि काशी में गंगा नदी को बेहद पवित्र माना जाता है और वहां इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध है, इसलिए वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों और संतों में भारी आक्रोश फैल गया।
पुलिस ने तत्काल की थी कार्रवाई, नाव भी की थी जब्त
दशाश्वमेध क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अतुल अंजान त्रिपाठी के मुताबिक, वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी व स्थानीय इनपुट के आधार पर महज 24 घंटे के भीतर 23 जून को सभी पांचों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने इस कृत्य में इस्तेमाल की गई नाव को भी सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में सीज (जब्त) कर लिया था।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
गंगा नदी में हुड़दंग और मर्यादा तार-तार करने की यह पहली घटना नहीं है। इसी साल 16 मार्च को भी सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग गंगा नदी में नाव पर बैठकर सरेआम बिरयानी खा रहे थे। उस मामले में भी कोतवाली पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए 14 युवकों को गिरफ्तार कर जेल की हवा खिलाई थी, जिन्हें बाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) से जमानत मिली थी। प्रशासन ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि गंगा की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
