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पटरियों पर सरपट दौड़ने को तैयार वंदे मेट्रो, मिला ऐसा 'कवच' कभी नहीं होगी टक्कर

वंदे भारत ट्रेन ने देश में ट्रेन के सफर को एक नया आयाम दिया है। अब बारी मेट्रो की है। जी हां, देश में वंदे मेट्रो चलाए जाने की घोषणा तो हो चुकी है और जुलाई में पहली वंदे मेट्रो पटरियों पर दौड़ने भी लगेगी। जानिए वंदे मेट्रो में क्या कुछ खास होगा।

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वंदे मेट्रो की खूबियां

Photo : Times Now Digital

किसी एक मैनेजमेंट के द्वारा नियंत्रित होने वाला भारतीय रेलवे (Indian Railways) एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और यह दुनिया में इसका नंबर दूसरा है। भारतीय रेलवे देश के करोड़ों लोगों के लिए आवाजाही का प्रमुख साधन है। हर लोग करोड़ों लोग भारतीय ट्रेनों में सफर करके अपनी मंजिल तक जाते हैं। बात करें देश की तो भारतीय रेलवे सबसे विश्वसनीय और अफोर्डेबल साधन है। भारत में ट्रेनें और रेल यात्रा यहां की लाइफलाइन है। भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें स्टेशनों के मॉडल में सुधार, हाईस्पीड ट्रेन (High Speed Trains) और नई लाइनें खोलने के साथ ही शहरी इलाकों को जोड़ने के लिए वंदे मेट्रो (Vande Metro) चलाना भी शामिल है। बात वंदे मेट्रो की हो तो इसकी तुलना देशभर में चल रही वंदे भारत ट्रेनों से होना तय है। तो चलिए जानते हैं वंदे मेट्रो की खास बातों और सुविधाओं पर चर्चा करते हैं -

यहां चलेगी पहली वंदे मेट्रो!

वंदे मेट्रो में पैनोरमिक खिड़कियां लगी होंगी, जहां से बाहर के खूबसूरत नजारे का लुत्फ ले सकते हैं। इसके अलावा वंदे मेट्रों में अच्छे शौचालयों की व्यवस्था भी होगी। वंदे मेट्रो की घोषणा पहले ही हो चुकी है और जल्द ही यह पटरियों पर दौड़ती दिखेगी। इस संबंध में पैरम्बूर इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) के अधिकारियों ने की है। ICF के अधिकारियों के अनुसार वंदे मेट्रो का ट्रायल रन जल्द शुरू होने वाला है और जुलाई की शुरुआत से यात्री वंदे मेट्रो में सफर करने लगेंगे। जैसा की रिपोर्टों से अंदाजा लगाया जा रहा है, देश में पहली वंदे मेट्रो चेन्नई और तिरुपति के बीच चलाई जाएगी।

वंदे मेट्रो के कुल डिब्बे और स्पीड

वंदे मेट्रो के बारे में कहा जा रहा है कि इसमें कुल 12 कोच यानी डिब्बे लगे होंगे। इसमें एसी मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (MEMU) और वंदे भारत एक्सप्रेस का संयुक्त रूप देखने को मिलेगा। वंदे मेट्रो की स्पीड की बात करें तो बताया जा रहा है कि यह 110 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।

वंदे में मिलेंगी ये खूबियां

वंदे मेट्रो में भी देश के अलग-अलग शहरों में चलने वाली अन्य मेट्रो की ही तरह एयर कंडीश्नर (AC) होगा। इसके अलावा ट्रेन में ऑटोमैटिक स्लाडिंग दरवाजे होंगे, जैसा अन्य मेट्रो ट्रेनों में होते हैं। वंदे मेट्रो की कोच अंदर से एक कॉरिडोर के जरिए जुड़े होंगे, जिससे यात्री एक डिब्बे से दूसरे में आसानी से जा पाएंगे।

वंदे मेट्रो के हर डिब्बे में 100 यात्रियों के आराम से बैठने की जगह होगी। इसके अलावा हर डिब्बे में 200 यात्रियों के खड़े होने की भी जगह होगी। वंदे मेट्रो के हर डिब्बे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि उसमें सवारी करने वाले यात्रियों को बेहतरीन एक्सपीरियंस मिले।

ये सुविधाएं भी मिलेंगी

वंदे मेट्रो में कई तरह की अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। वंदे मेट्रो में पैनोरमिक खिड़कियां लगी होंगी। इसके अलावा ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट मिलेंगे, ताकि आपका फोन कभी बंद न हो। वंदे मेट्रों में रूट इंडीकेटर डिस्प्ले लगे होंगे, सीसीटीवी कैमरा से हर समय निगरानी होगी। इमरजेंसी टॉकबैक यूनिट के साथ ही इस ट्रेन में कवच (KAVACH anti-Collision System) लगा होगा।
Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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