राजधानी दिल्ली में 1 जून से 6 जून के बीच एमसीडी ने अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 94 संपत्तियों को ध्वस्त किया और 114 संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा 84 कारण बताओ नोटिस, 41 सीलिंग नोटिस और 33 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। यह कार्रवाई ऐसे समय में की जा रही है जब बुधवार को हौजरानी में एक होटल में भीषण आग लगने से विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत हो गयी।
इस बाबत जारी एक आदेश में कहा गया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, नगर निगम ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कानूनी और भौतिक दोनों स्तरों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
डीडीए का विशेष अभियान,दोषी आर्किटेक्ट होंगे ब्लैकलिस्ट
शुक्रवार को डीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्वीकृत भवन नक्शों का गंभीर उल्लंघन करने वाले भवनों की विशेष पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीडीए ने यह भी तय किया है कि यदि किसी भवन में बड़े स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित आर्किटेक्ट को न केवल पैनल से हटाया जाएगा, बल्कि उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। इसके अलावा लैंड पूलिंग क्षेत्रों और विकास क्षेत्रों में डीडीए भूमि पर हुए अतिक्रमणों को हटाने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और क्विक रिस्पॉन्स टीमों को अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना था कि दक्षिण दिल्ली में सैद-उल-अजैब, हौज खास गांव और आसपास के इलाकों में कई रेस्तरां सहित विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि दिल्ली में ऐसा कोई निर्माण, व्यावसायिक प्रतिष्ठान या सार्वजनिक उपयोग की व्यवस्था संचालित नहीं होने दी जाएगी जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
