जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में मौजूद ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर को आज यानी गुरुवार 26 मार्च को 36 साल बाद एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। कल शुक्रवार को राम नवमी है और इस पावन अवसर पर एक दिन पहले ही मंदिर के कपाट खुलने से कश्मीरी पंडित समुदाय में खासा उत्साह है।
बता दें कि इस मंदिर को महाराजा गुलाब सिंह ने बनवाया था। लेकिन 1990 के दशक में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ने और कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद यह मंदिर लंबे समय तक बंद था और समय के साथ क्षतिग्रस्त भी हो गया था।
साल 2020 में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस मंदिर के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया। कई वर्षों की मेहनत के बाद अब इसे फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। राम नवमी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मंदिर के दोबारा खुलने पर कश्मीरी पंडितों में खुशी की लहर दिख रही है। वह इस मंदिर को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की पुनर्स्थापना बता रहे हैं। आज 36 साल बाद लोगों को अपने धार्मिक स्थलों पर लौटने और पूजा करने का अवसर मिला है।
इस अवसर पर कुछ श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया। उनका कहना था कि केंद्र सरकार के प्रयासों से कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं, जिससे उनके धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और समुदाय की वापसी संभव हो रही है।
मंदिर को एक बार फिर से खोले जाने को कश्मीर में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी इसे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से अहम बताया है।
