PVVNL Noida Electricity Rules: पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे प्रीपेड बिजली मीटरों से मेंटेनेंस शुल्क की कटौती न करें और बकाया शुल्क के नाम पर बिजली आपूर्ति भी बाधित न करें।
7 मई को जारी इस निर्देश में विभाग ने सेक्टर-119 स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों की शिकायतों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मौजूदा नियमों के तहत ऐसी कार्रवाई की अनुमति नहीं है। आदेश के अनुसार, यह निर्देश उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) सप्लाई कोड 2023-24 के तहत जारी किया गया है। आदेश पर सेक्टर-16ए स्थित विद्युत नगरीय वितरण खंड-5 के अधिशासी अभियंता मोहित गोयल के हस्ताक्षर हैं।
कब तक नहीं काटी जाएगी बिजली
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि डिम्ड फ्रेंचाइजी किसी भी उपभोक्ता की बिजली आपूर्ति को अन्य शुल्कों के भुगतान में चूक का हवाला देकर बंद नहीं कर सकती। बिजली कनेक्शन केवल बिजली बिल का भुगतान न होने की स्थिति में ही काटा जा सकता है। निगम ने यह भी साफ किया कि बिजली शुल्क और कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क को आपस में नहीं जोड़ा जा सकता। आदेश में कहा गया है कि सामान्य मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान न होने पर बिजली काटने की कार्रवाई तब तक नहीं की जा सकती, जब तक यह साबित न हो जाए कि निवासी ने बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है।
आखिर क्यों उठाया गया यह कदम?
अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम हाई-डेंसिटी हाउसिंग सोसाइटियों में चल रही अनियमितताओं पर सख्ती के तहत उठाया गया है। PVVNL का कहना है कि नोएडा की अधिकांश सोसाइटियों में बिजली और मेंटेनेंस शुल्क की बिलिंग अलग-अलग होती है, लेकिन कुछ जगहों पर अब भी प्रीपेड मीटरों के जरिए मेंटेनेंस बकाया की वसूली की जा रही थी। इससे निवासियों को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था। एक अधिकारी ने बताया कि कई मामलों में महीने में दो से तीन बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी।
अधिशासी अभियंता ने दी चेतावनी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रीपेड बिजली मीटर में जमा राशि का इस्तेमाल केवल बिजली खपत और जरूरी सेवाओं जैसे लिफ्ट, पानी के पंप और स्ट्रीट लाइटिंग के लिए ही किया जा सकता है। अधिशासी अभियंता ने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली AOA के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और बिजली अधिनियम के तहत दंडात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं। इस फैसले का निवासियों ने स्वागत करते हुए इसे मनमानी बिजली कटौती से राहत देने वाला कदम बताया।
बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही थी
शिकायत दर्ज कराने वाले एक निवासी ने कहा कि उनकी सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क न चुकाने पर बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। उन्होंने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और इसे किसी भी तरह के विवाद से जोड़ना उचित नहीं है। इस आदेश से स्थिति स्पष्ट हुई है और अब निवासियों को अनुचित तरीके से परेशान नहीं किया जा सकेगा। निवासी ने यह भी कहा कि इससे मेंटेनेंस विवादों में बिजली आपूर्ति को दबाव बनाने के साधन के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक लगेगी।
नियमों का पालन सुनिश्चित करें
बिजली विभाग ने सभी AOA को निर्देश दिया है कि वे मेंटेनेंस शुल्क वसूली के लिए बैंक ट्रांसफर, चेक या अन्य माध्यमों से अलग व्यवस्था तैयार करें और सप्लाई कोड के नियमों का पालन सुनिश्चित करें। वहीं, नोएडा हाईराइज फेडरेशन के अध्यक्ष निखिल सिंह ने कहा कि अभी भी कई सवाल बाकी हैं, जैसे कॉमन एरिया मेंटेनेंस की वसूली कैसे होगी और मल्टीपॉइंट सिस्टम में कॉमन एरिया बिलिंग का प्रबंधन किस तरह किया जाएगा। उन्होंने इस पूरे मामले में एक विस्तृत एसओपी तैयार करने की जरूरत बताई।
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